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उपलब्धि: स्टेम सेल से बनी श्वसन-नली ने काम किया
विज्ञान
गुरुवार , , 20 नवम्बर
तरकश ब्यूरो



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चिकित्सकों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक महिला के निज स्टेम सेल से बनी श्वसन-नली को उसके शरीर में लगाने में कामयाबी हासिल की, इससे उस महिला को एंटी-रिजेक्शन दवाईयाँ देने की जरूरत नहीं पडी.

कोलम्बिया की 30 वर्षीय क्लाउडिया केस्टिलो को सांस लेने में तकलीफ होती थी, क्योंकि उसके फेफडे के एक भाग और श्वसननली में इंफेक्शन था. कुछ दिन बाद उसकी तबियत इतनी खराब हो गई कि उसे सांस लेने मे ही तकलीफ होने लगी और उसे नियमित रूप से अस्पताल जाकर श्वसननली और फेफडे की सफाई करानी पडती थी.

अब चिकित्सकों के पास दो ही विकल्प थे, या तो उसके फेफडे का एक भाग पूरा ही निकाल दिया जाए या फिर नई श्वसननली लगाई जाए. डॉ. पाउलो मैककेरेनी ने श्वसननली को बदलने का विकल्प चुना. लेकिन यह आसान नहीं था, क्योंकि किसी अन्य व्यक्ति की श्वसननली लगाने से क्लाउडिया का शरीर उसे अस्वीकार कर देता.

चिकित्सकों ने अंत मे क्लाउडिया के बोन मेरो से स्टेम सेल लिया और मिलान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने उन स्टेम सेलों से नए टिस्यु बनाए. उन टिस्युओं को बाद में श्वसननली के खराब हो चुके हिस्सों की जगह लगाया गया. क्लाउडिया के शरीर ने इसे स्वीकार कर लिया क्योंकि वे टिस्यु उसी के स्टेम सेल से बने थे.

इस प्रयोग से अब शरीर के अन्य अंग बनाने की दिशा में भी कार्य होने की उम्मीद जगी है.



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