रोज सुबह उठते ही और सोने के समय हमें उबासियाँ आने लगती है. लेकिन इसकी वजह क्या है? एक मान्यता यह है कि जब हम थक जाते हैं तो शरीर मे प्राणवायु की मात्रा कम हो जाती है और उबासी उसकी भरपाई करती है.
लेकिन अब बरमिंघटन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उबासी दिमाग को ठण्डा रखने के लिए ली जाती है.
अपनी शोध के लिए वैज्ञानिकों ने कुछ तोतों पर परीक्षण किया. इनमें से कुछ को अतिशय गर्म वातावरण में, कुछ को कम तापमान पर और कुछ को सामान्य तापमान पर रखा.
इसमें अंतिम दो समूह के तोतों ने उबासियाँ नहीं ली, लेकिन गर्म वातावरण में रखे गए तोतों ने जल्दी जल्दी उबासियाँ ली.
वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसान जब सामान्य तापमान पर होता है तब उसका दिमाग भी गर्म नहीं होता और उसे उबासी लेने की जरूरत नहीं पडती. ठण्डे वातावरण में भी वह उबासी नहीं लेता ताकी ठण्डी हवा शरीर में हद से अधिक मात्रा में ना जाए.
लेकिन गर्म वातावरण में आते ही उसे उबासियाँ लेनी पडती है ताकि उसका दिमाग गरम ना हो. सोने से पहले हम दिमाग को आराम देने के लिए और उसे सही तापमान पर लाने के लिए उबासियाँ लेते हैं.