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सूरज धरती पर! वैज्ञानिक बनाएँगे लेबोरेटरी में सूरज |
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विज्ञान
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सोमवार , , 29 दिसम्बर |
अमेरिका की नेशनल इग्निशन फेसेलिटी के वैज्ञानिक एक भागीरथ प्रयास करने वाले हैं. यदि वे अपने प्रयास मे सफल हो जाते हैं तो इससे दूनिया की उर्जा की जरूरतें काफी हद तक पूरी की जा सकेंगी.
ये वैज्ञानिक अपनी लेब के अंदर वही न्यूक्लियर फ्यूजन पैदा करने वाले हैं जो सूरज के गर्भ में होता है. यह प्रोजेक्ट अगले साल शुरू किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक मानव निर्मित सितारे को जलाकर थर्मोन्यूक्लियर रिएक्शन तैयार करेंगे.
उनका लक्ष्य है 100 मिलियन डिग्री से अधिक तापमान और पृथ्वी पर कहीं भी मौजूद दबाव से अरबों गुना अधिक दबाव पैदा करना. इससे जो उर्जा प्राप्त होगी उसका इस्तेमाल मानव उपयोग के लिए किया जा सकेगा.
यह कैसे होगा?
विशेषज्ञ एक एल्यूमिनियम और कोंक्रिट से बने चेम्बर के अन्दर लेजर बीम प्रवाहित करेंगे. यह बीम अंदर जाकर 192 अलग अलग बीमों मे विभाजित हो जाएगी और पराबैंगनी विकिरणों मे बदलकर एक केप्स्यूल के मध्य भाग में केन्द्रित होगी. जब ये बीमें केप्स्यूल से टकराएंगी तो जो उर्जा प्राप्त होगी उससे केप्स्यूल के अन्दर रखा फ्यूल पेलेट संकुचित होगा और केप्स्यूल का बाहरी आवरण विस्फोट से उड जाएगा.
इस विस्फोट से फ्यूल पेलेट को संकुचित करने जितना ही दबाव और विपरित रिएक्शन प्राप्त होगा और एक न्यूक्लियर फ्यूजन तैयार होगा. इससे प्राप्त होने वाली उर्जा इस प्रोजेक्ट मे इस्तेमाल होने वाली उर्जा से 10 गुना अधिक होगी.
यह कुछ कुछ वैसा ही रासायनिक कार्य होगा जैसा सूर्य के गर्भ में होता है.
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