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गूगल सर्च से पर्यावरण को नुकसान नहीं - गूगल ने दिया जवाब |
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पर्यावरण
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सोमवार , , 12 जनवरी |
कुछ समय पहले खबर आई थी कि गूगल मे सर्च करने से पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है. यह खबर गूगल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले असंख्य डाटा सेंटरों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ऊर्जा से संबंधित थी.
गूगल ने इस आरोप को खारिज कर दिया है. गूगल के आधिकारिक ब्लॉग में गूगल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष [ओपरेशन] Urs Hölzle ने दावा किया है कि गूगल की वजह से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है.
Urs Hölzle ने लिखा है कि, हमारे डाटा सेंटर कम से कम ऊर्जा की खपत करते हैं. और एक गूगल सर्च की जाने पर बहुत ही कम ऊर्जा का व्यय होता है. वास्तव मे तो जो प्रयोक्ता सर्च करता है उसका कम्प्यूटर गूगल के डाटा सेंटर द्वारा उस सर्च पर नतीजे जारी करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ऊर्जा से अधिक ऊर्जा का व्यय करता है.
उन्होने लिखा एक गूगल सर्च 0.2 सेकंड में नतीजे प्रदान कर देती है. इसमें कुल 0.0003 kWh यानी कि 1 kJ ऊर्जा का व्यय होता है. एक वयस्क इंसान पूरे दिन में 8000 kJ ऊर्जा अपने आहार द्वारा प्राप्त करता है. यानी कि गूगल सर्च एक बार मे उतनी ही ऊर्जा का व्यय करता है जितना एक आम इंसान 10 सेकंड के कार्य के दौरान करता है.
दूसरे लिहाज से देखें तो एक गूगल सर्च 0.2 ग्राम CO2 के बराबर होता है. उस लिहाज से देखें तो एक कार एक किलोमीटर चलने मे जितनी कार्बन डाइओक्साइड का उत्सर्जन करती है, उतना हजार गूगल सर्च से भी नहीं होता.
गूगल ऊर्जा का कम से कम व्यय करने की दिशा मे काम कर रहा है और भविष्य मे उसके डाटा सेंटर और भी पर्यावरण प्रेमी होंगे.
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