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नेनोटेक्नोलोजी का कमाल, अद्भूत तरीके बिजली पैदा करने के |
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विज्ञान
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मंगलवार , , 17 फ़रवरी |
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| जोंग लिन वांग |
कुछ समय बाद ऐसी तकनीकें आसानी से उपलब्ध होंगी जब आप अपनी जैकेट के बटन खोलने पर, अथवा अपने मोबाइल का फ्लेप खोलने पर, अथवा अपने लेपटोप पर काम करते समय अथवा अपने मोबाइल से एसएमएस भेजते समय अनायास रूप से बिजली पैदा कर रहे होंगे.
यह सम्भव हुआ है नेनोटेक्नोलोजी के क्षैत्र में हो रही क्रांति के फलस्वरूप. दुनिया भर के वैज्ञानिक इस समय नेनोटेक्नोलोजी का इस्तेमाल कर विभिन्न अपरम्परागत तरीकों से बिजली पैदा करने की सम्भावनाअओं का अध्ययन कर रहे हैं.
ऐसे ही एक वैज्ञानिक हैं जोंग लिन वांग . जोंग लिन वांग ज्योर्जिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी के प्रोफेसर है और उन्होनें एक नई तकनीक विकसित की है जिससे मोबाइल पर टाइपिंग करने से बिजली पैदा होती है.
उन्होनें जो डिवाइज बनाया है उसमें नेनोजनरेटर लगा है जो पीज़ोइलेक्ट्रिक इफैक्ट के द्वारा बिजली पैदा करता है. इसमें ज़ींक ऑक्सिड के तार लगए हुए हैं जो मुडने और फिर से सामान्य रूप में आने पर बिजली का चार्ज पैदा करते हैं. मोबाइल के बटनों के साथ इन्हें जोड देने से उन बटनों के दबने पर वे तार मुडते हैं और इस तरह से बिजली पैदा होती है.
ये तार 100 से 800 नेनोमिटर व्यास के होते हैं तथा 100 से 500 माइक्रोन लम्बे होते हैं. इनका जनरेटर भी ज़ींक ऑक्साइड का बना होता है जिसका बेस पोलिमर का होता है.
इस तरह के डिवाइज से बिजली पैदा की जा सकती है. वांग और उनकी टीम इसके अलावा अन्य कई तरीकों से बिजली पैदा करने की सम्भावनाएँ तलाश रहे हैं.
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