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तालिबान दहलीज़ पर: दूसरा अफगानिस्तान बनता पाकिस्तान |
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विशेष
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गुरुवार , , 19 फ़रवरी |
भारत सरकार ने पाकिस्तान के सीमांत ईलाकों मे तालिबान के बढ रहे प्रभुत्व को लेकर चिंता व्यक्त की है. और यह चिंता अमुमन पूरे देश में व्यक्त की जा रही है और इसकी जायज वजह भी है.
तालिबान ने पाकिस्तान के कबिलाई ईलाकों और उत्तरी पश्चिमी सीमांत क्षैत्र पर कब्ज़ा कर रखा है. पिछले दिनों पाकिस्तान सरकार ने उस क्षैत्र में शरीयत कानून लागू कर एक तरह से तालिबानी तत्वों के आगे घुटने टेक दिए हैं.
यह क्षैत्र इस्लामाबाद से अधिक दूर नहीं है और इससे यह आशंका बढ गई है कि पाकिस्तान की राजधानी पर भी तालिबान का खतरा मंडरा रहा है.
तालिबान पाकिस्तान को किस तरह से खोखला कर रहा है यह जानने के लिए कुछ तथ्य देखिए:
- पाकिस्तान के 22000 वर्ग किलोमीटर ईलाके पर तालिबान का कब्जा हो चुका है.
- कभी पर्यटकों के लिए स्वर्ग मानी जाने वाली स्वात घाटी में अब कोई नहीं जाता.
- स्वात और फाटा में कोई भी जनप्रिय नेता नही रहता है. पीपीपी के सारे नेता वह ईलाका छोडकर इस्लामाबाद आ गए हैं.
- तालिबान ने अब तक स्वात घाटी की 180 स्कूलों को तबाह कर दिया है, इसमें से 120 कन्या विद्यालय थीं.
- तालिबान के प्रभुत्व वाले ईलाकों मे लडकियाँ स्कूल नहीं जा सकती ना ही बाजार जाती हैं.
- तालिबान ने इस ईलाके के करीब 1000 लोगों का सिर कलम किया है.
- स्वात घाटी से करीब 2 लाख लोग तालिबान के डर से भाग खडे हुए हैं.
- इस ईलाके के नाई अब दाढी नहीं काटते.
- पेशावर के लगभग सभी सिनेमा घर बंद हो चुके हैं. कई सिनेमाघर मदरसा में बदल दिए गए हैं.
- सिर्फ महिलाओं के लिए बनाए गए बाज़ारों मे भी महिलाएँ वर्जित कर दी गई हैं.
- महिलाओं का जबरन विवाह किया जा रहा है.
- एक कट्टर इस्लामिक मुफ्ती ने कहा कि, इस्लाम में लोकतंत्र के लिए कोई जगह नहीं है. पाकिस्तान मे भी लोकतंत्र नही होना चाहिए, क्योंकि यह पद्धति हम पर थोपी गई है.
- स्वात घाटी में अब तक 3 बिलीयन की सम्पत्ति का नुकसान हो चुका है.
- स्वात में ना टीवी है ना रेडियो, ना सिनेमा ना संगीत, ना आधुनिक पढाई ना आज़ादी.
पाकिस्तान में तालिबान तेजी से पाँव पसार रहा है और उस देश को दूसरा अफगानिस्तान बना रहा है. यह भारत के लिए भी शुभ संकेत नहीं है. क्योंकि इन तत्वों के लिए मूल दुश्मन अमेरिका और इज़रायल के अलावा भारत है.
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