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रक्त की कमी से मौतें अब नहीं होगी, वैज्ञानिकों ने बनाया सिंथेटिक रक्त |
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स्वास्थ्य
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बुधवार , , 25 मार्च |
सोचिए कितनी ही मौतें ऐसी परिस्थिति में हो जाती है जब खून की कमी जूझ रहे मरीज के लिए उसके ब्लड ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं हो पाता. लेकिन अब यह स्थिति बदल सकती है.
ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने एम्ब्रियोनिक स्टेम सेल का इस्तेमाल कर सिंथेटिक रक्त बनाया है जिससे खून की उपलब्धता कम नहीं हो पाएगी.
इस सप्ताह वैज्ञानिक अपने तीन साल के शोध कार्यक्रम का लेखाजोखा प्रस्तुत करेंगे और कुछ स्वयंसेवियों के शरीर में यह सिंथेटिक रक्त चढाएंगे. यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इससे हजारों जिंदगियों को बचाया जा सकेगा.
इस प्रकार के रक्त को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने IVF treatment के द्वारा प्राप्त एम्ब्रियोस को जेनेटिकली प्रोग्राम कर “ओ नेगेटिव” ब्लड ग्रुप का रक्त बनाया है. ओ-नेगेटिव रक्त किसी भी व्यक्ति को चढाया जा सकता है. यह रक्त ग्रुप सभी अन्य रक्त ग्रुपों के साथ समायोजित हो सकता है.
लेकिन यह रक्त ग्रुप आम तौर पर काफी दुलर्भ माना जाता है. क्योंकि मात्र 7% लोगों का रक्त ग्रुप “ओ-नेगेटिव” होता है. इस रक्त ग्रुप के व्यक्ति किसी भी अन्य व्यक्ति को अपना खून दे सकते हैं. इसलिए वैज्ञानिकों ने इसी रक्त ग्रुप पर आधारित सिंथेटिक रक्त बनाने की सोची.
वैज्ञानिकों ने इस रक्त समूह के एम्ब्रियोनिक स्टेम सेल को विकसित कर उन्हें ऑक्सिजन धारी लाल रक्त कणों मे बदला जिन्हें किसी अन्य के शरीर में दाखिल किया जा सकता है. इस प्रकार के सिंथेटिक रक्त का एक फायदा यह भी है कि इस प्रकार का खून एचआईवी, हेपेटाइसिस और मेड काउ जैसे रोगों के जिवाणुओं से मुक्त होगा.
इस प्रकार का रक्त बन जाने से दुर्घटना में घायल व्यक्ति अथवा मुठभेड में घायल सैनिक को बचाने में काफी मदद मिलेगी.
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