यदि सबकुछ सही रहा तो मशहूर माइक्रोब्लागिंग सेवा ट्विटर पर गूगल का लोगो लग जाएगा. खबर के अनुसार गूगल ट्विटर का अधिग्रहण करना चाहता है और उसने इसके लिए करीब 250 मीलियन डॉलर का प्रस्ताव दिया है.
तकनीक ब्लॉग टेकक्रंच की खबर के अनुसार गूगल का यह प्रस्ताव फेसबुक द्वारा दिए गए प्रस्ताव से काफी कम है. फेसबुक ने कुछ महीनों पहले ट्विटर के समक्ष 500 मीलियन डॉलर का प्रस्ताव रखा था जिसे ट्विटर ने अस्वीकार कर दिया था. बाद में फेसबुक ने भी ट्विटर जैसी ही सेवा शुरू कर दी थी.
लेकिन गूगल ट्विटर को खरीदना क्यों चाहता है?
इसके पीछे की सबसे बडी वजह है ट्विटर की लोकप्रियता और रीयल टाइम सर्चिंग.
ट्विटर रीयल टाइम डाटाबेस का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है और गूगल इसे अपनाना चाहता है. दुनिया भर के लाखों लोग इस समय क्या कर रहे हैं यह ट्विटर पर प्रकाशित होता है. गूगल इन आँकडो का उपयोग अपने सर्च इंजिन को अधिक कार्यक्षम बनाने में करना चाहता है. गूगल अभी तक इस दौड में शामिल ही नहीं है.
लेकिन अभी तक यह बातचीत शुरूआती दौर में है और ट्विटर और गूगल के अधिकारी यह सोच रहे हैं कि गूगल का रीयल टाइम सर्च इंजिन कैसे बनाया जाए.
गूगल के लिए ट्विटर का अधिग्रहण जितना आवश्यक है ट्विटर के लिए भी वह उतना ही आवश्यक है. अगस्त 2006 मे लॉंच होने के बाद से ट्विटर ने सफलता के नए सौपान हासिल किए हैं, लेकिन आमदनी के हिसाब से ट्विटर फ्लोप रहा है. अब इसके निर्माता वाणिज्यिक खाते बनाने वालों से शुल्क वसूलने की योजना भी बना रहे हैं.
इस तरह से देखा जाए तो ट्विटर के लिए गूगल का प्रस्ताव भी काफी महत्वपूर्ण हो जाता है.