तुरंत ऊर्जा पाने के लिए फलाना एनर्जी ड्रिंक पीजिए. आर्नोल्ड शुवाज़नेगर जैसी मांसपेशियाँ अब आप भी पा सकते हैं फलाना प्रोटीन ड्रिंक पीजिए!
इस तरह के विज्ञापन दिखाकर एनर्जी ड्रिंक बेचना भारत में आम बात है. लेकिन क्या ये एनर्जी ड्रिंक सचमुच में स्वास्थ्यवर्धक होते भी हैं, या फिर यह मात्र एक छलावा है.
पिछले दिनों मुम्बई में खाद्य आयोग द्वारा छापे मारे गए और करीब 2 करोड मूल्य के “एनर्जी ड्रिंक” जप्त किए गए. एक अखबार में छपी खबर के अनुसार जप्त किए गए एनर्जी ड्रिंको में कैफिन की मात्रा तय की गई मात्रा से काफी अधिक थी.
भारतीय शहरों मे इस प्रकार के एनर्जी ड्रिंक धडल्ले से बेचे जाते हैं. क्योंकि भारत में अभी तक इस तरह के द्रव्यों के लिए कोई मानक तय ही नही किए गए हैं. पश्चिमी देशों में इस तरह के उत्पादों पर या तो प्रतिबंध है या फिर वे चेतावनी के साथ बेचे जाते हैं, लेकिन भारत में प्रतिबंध तो दूर चेतावनी तक नहीं दी जाती.
इस तरह के ड्रिंक बडी संख्या में आयात किए जाते हैं और फिर भारत में बेचे जाते हैं, वह भी बिना किसी चेतावनी के.
इनमें से कई उत्पादों मे एम्फेटामाइन, कोकैन तथा अन्य नशीले पदार्थों की मात्रा पाई जाती है और वे रेव पार्टियों के दौरान धडल्ले से गटकाए जाते हैं.
मुम्बई में FDA ने जिन उत्पादों को पकडा उनमें आपत्तिजनक तत्वों की फार्माकोलोजिकल दर 300 पार्ट पर मीलियन (ppm) थी जो कि सुरक्षित दर यानी कि 200 ppm से काफी अधिक थी.
वैज्ञानिक आधार पर भी देखा जाए तो भी कोई ऐसा प्रोटीन नहीं है जो शरीर को कोई विशेष आकार प्रकार दे सके क्योंकि हमारा शरीर सभी प्रोटीन को सामान्य कोषों मे बदल देता है.
लेकिन भ्रामक विज्ञापन और बेहतर शारीरिक ढांचे की चाह हमें ऐसे घातक एनर्जी ड्रिंको की ओर ले जाती है.