टीवी पर दिखाए जाने वाले सभी क्विज़ या गेम शो में या तो एक व्यक्ति सवालों के जवाब देता है या फिर दो या दो से अधिक लोग मिलकर देते हैं. लेकिन आज तक कभी यह देखने में नही आया कि एक इंसान और एक कम्प्यूटर आपस में स्पर्धा करें. लेकिन जल्द ही यह वास्तविकता होगी.
अमेरिका की आईबीएम नामक कम्पनी एक ऐसे सिस्टम को विकसित कर रही है जो अमेरिका के प्रसिद्ध गेम शो जीयोपार्डी में किसी इंसान के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी.
द न्यूयार्क टाइम्स में छपी खबर के अनुसार आईबीएम अपने सिस्टम को लगभग विकसित कर चुकी है और अब केवल कुछ ही मापदंड सुधारने बाकी हैं, इसके बाद टीवी स्क्रीन पर एक इंसान एक मशीन से स्पर्धा करता हुआ दिखाई देगा और यदि मशीन ने इंसान को हरा दिया तो यह साबित हो जाएगा कि कृत्रिम बुद्धिमता के क्षेत्र में इंसान ने अच्छी खासी प्रगति कर ली है.
आईबीएम इससे पहले डीप ब्लू नामक एक सिस्टम बना चुकी है जो शतरंज खेल सकता है. इस सिस्टम ने अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी गैरी कास्पारोव को हरा दिया था. यह बात और है बाद में उन्होनें कई आपत्तियाँ दर्ज की और इसके बाद एक अन्य मुकाबले में उनके तथा डीप ब्लू के बीच हुआ खेल ड्रा हो गया था.
लेकिन डीप ब्लू केवल शतरंज खेल सकता था और इसके लिए उसके अंदर लाखों चालें संग्रहित की गई थी. लेकिन आईबीएम का नया सिस्टम उससे कहीं बेहतर होगा क्योंकि जीयोपार्डी खेलने के लिए अनगिनत चीजों का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है और उतना ही आवश्यक है भावनाओं को समझना, मोलतोल करना, परखना, बातचीत करना और मूल्यांकन करना.
आईबीएम के नए सिस्टम में ये सारी खूबियाँ होगी. कहना ना होगा जीयोपार्डी का नया संस्करण जिसमें एक इंसान और एक मशीन आपस में खेलेंगे, एक नया अनुभव प्रदान करेगा.