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चींटियाँ मार्ग खोजने के लिए चुम्बक का इस्तेमाल करती है! |
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रोचक तथ्य और जानकारी
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शुक्रवार , , 22 मई |
आपने अपने घर के आसपास अथवा घर के अंदर खाना ढूंढती और खाना लेकर अपने घर की तरफ लौटती चीटियों की कतार तो देखी होगी. चींटियाँ हमेशा कतारबद्ध चलती हैं तथा एक दूसरे के शरीर को छूकर सही मार्ग की तलाश करती हैं. लेकिन इसके अलावा एक और पद्धति है जो चींटियों को उनके मार्ग से भटकने नहीं देती.
चींटियों के शरीर में मौजूद लौहतत्व इसके लिए जिम्मेदार हैं. चींटियाँ पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्रों के साथ सम्पर्क स्थापित कर अपना यात्रा मार्ग सुनिश्चित करती है. यह पद्धति तब काम आती है जब चींटियों को लम्बा प्रवास करना हो.
ब्राज़ील के द ब्राज़िलियन सेंटर फोर फिजिक्स रिसर्च के संशोधकों ने ब्राज़ील की शिकारी चींटियों का अभ्यास कर यह नतीजा निकाला. इन संशोधकों का दावा है कि चींटियाँ चुम्बकीय क्षमता का ठीक उसी तरह से उपयोग करती हैं जिस तरह से कई पक्षी अपने उड़ान मार्ग की दिशा ढूंढने में करते हैं.
इन संशोधकों ने यह भी दावा किया है कि यदि 40000 चींटियों के दिमाग को मिला दिया जाए तो वह मानव दिमाग जितना बड़ा और कार्यशील हो जाता है. एक चींटी के दिमाग में 250000 कोष होते हैं वहीं मानव दिमाग में 10 अरब कोष होते हैं.
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