कम्प्यूटर स्क्रीन के आगे घंटों बैठने से होने वाला पीठ दर्द, आँखो में खुजली और सुखापन, उंगलियों में दर्द – ये सभी वे आम शिकायतें हैं जो कम्प्यूटर के आगे काम करते समय व्यक्त की जाती हैं. लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ये शिकायतें तो कुछ नहीं है. कम्प्यूटर की वजह से घातक चोट लगने के मामलों में खतरनाक दर से बढोत्तरी हो रही है.
सेंटर फॉर इंजुरी रिसर्च एंड पोलिसी और नेशन वाइड चिल्ड्रन होस्पिटल के अध्ययन के अनुसार पिछले कुछ सालों में कम्प्यूटर की वजह से लगने वाली चोटों की संख्या में 7 गुना बढोत्तरी हुई है. पिछले सालों की तुलना में विगत एक या दो साल में कम्प्यूटर उपकरणों से होने वाली चोटों की संख्या में
703% की वृद्धि हुई है.
एक ब्रिटिश अखबार के अनुसार 1994 से लेकर 2006 तक कम्प्यूटर उपकरणों से हुई
78000 गम्भीर चोटें प्रकाश में आई थी. इनमें से
93% चोटें घर में लगी थी.
जिस उपकरण से सबसे अधिक चोट लगती है वह है कम्प्यूटर मोनिटर.
2006 में 25% चोटें मोनिटर की वजह से लगी थी. इनमें सबसे आम चोट तब लगती है जब कोई व्यक्ति किसी काम के लिए नीचे झुकता है और फिर खड़े होते समय मोनिटर से टकरा जाता है.
इसके अलावा कुछ अन्य चोटॆं जो आम हैं वे हैं –