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- सफेद शार्क सीरियल कीलर होती हैं
- वे अपने शिकार को अपने इलाके मे मारती है
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सीरियल कीलर, गैंगस्टर, गूर्गे – ये शब्द या तो अखबारों में या फिर बॉलीवुड की फिल्मों में सुने जाते हैं. ये वे लोग होते हैं जो अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह होते हैं और इनके लिए किसी का खून करना, डकैती डालना या बलात्कार करना बच्चों का खेल होता है.
लेकिन हर खेल के कुछ नियम होते हैं और इन अपराधियों के भी. ये लोग अपराध वहीं करते हैं जहाँ वे चाहते हैं. ये लोग जानबुझ कर खतरा मोल नहीं लेते और ना ही अपने शिकार को सम्भलने का मौका देते हैं.
ऐसा ही एक शिकारी है
सफेद शार्क . सफेद शार्क को वैज्ञानिकों ने समुद्र की सीरियल कीलर माना है. वैज्ञानिकों के अनुसार
सफेद शार्क का शिकार करने का तरीका वास्तविक सीरियल कीलरों जैसा ही होता है.
किस तरह से हुई यह खोज?
इस खोज के लिए वैज्ञानिकों ने 340 के आसपास शार्क हमलों का लेखाजोखा तैयार किया और यह जाना कि उन्होने यह शिकार किस इलाके में किए थे.
इसके बाद वैज्ञानिकों ने कुछ अपराध विशेषज्ञों की मदद से यह जानने की कोशिश की कि सीरियल कीलर किसी को मारने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं.
और वैज्ञानिकों के आश्चर्य के बीच सफेद शार्क के तरीकों और सीरियल कीलरों के तरीकों में काफी समानताएँ निकली.
सीरियल कीलर अपने शिकार को वहीं मारना चाहते हैं जहाँ उसके बचने की सम्भावना कम से कम हो. और ये लोग कोई जोखिम भी नहीं लेते और अपने शिकार को वहाँ मारते हैं जहाँ उनका राज चलता हो और उन्हें खुद कम से कम खतरा हो.
सफेद शार्क भी यही करती है. वह भी अपने पसंदीदा शिकार सील का खात्मा वहीं करती है जहाँ उनके बचने की सम्भावना नहीं होती और स्वयं शार्क को भी कोई खतरा नही होता. ये इलाके सील के रहने के मूल इलाकों से 100 मीटर दूर तक हो सकते हैं.
द टाइम्स में छपी खबर के अनुसार सफेद शार्क के ये इलाके जिन्हे “एंकर पोइंट” कहा जा सकता है और उनका व्यवहार मूल सीरियल कीलरों के साथ काफी समानता रखता है.