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समलैंगिक संबंध अपराध नहीं - दिल्ली उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला |
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देश दर्पण
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गुरुवार , , 02 जुलाई |
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अपराध नहीं है.
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एपी शाह और न्यायाधीश एस मुरलीधर ने अपने आदेश में कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 से नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है और वह वैध नहीं है.
अदालत का मानना था कि आईपीसी धारा 377 से संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है जो हर नागरिक को ज़िंदगी और स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है.
यह मामला सात साल पुराना है और अब इस पर यह महत्वपूर्ण फैसला आया है.
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