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वॉकमैन 30 साल का हुआ, अब मृत्युशैया पर |
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रोचक तथ्य और जानकारी
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शुक्रवार , , 03 जुलाई |
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- सोनी ने 1 जुलाई 1979 को पोर्टेबल कैसेट प्लेयर लॉंच किया
- सोनी ने लॉंच के पहले दो महीनों में 30 हजार और एक दशक में 5 करोड़ वॉकमैन बेचे
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सोनी के सह-संस्थापक मसारु आईबुका एक बार समुद्री यात्रा कर रहे थे और मनोरंजन के लिए अपने साथ एक टेप रिकार्डर लेकर गए थे. लेकिन मसारु उस रिकार्डर की मदद से संगीत का आनंद मात्र अपने कमरे में ही उठा सकते थे और जहाज के डेक पर खडे होकर सोचते थे कि काश इन लहरों और हवाओं के बीच खडे खडे भी संगीत सुन पाता!
बस यहीं से वॉकमैन के जन्म की कहानी शुरू होती है. मसारू को विचार आया कि टेप रिकार्डर बहुत बडे होते हैं और हर जगह उठाकर ले जाना सम्भव नहीं हो पाता तो क्यों ना एक ऐसा पोर्टेबल टेप रिकार्डर बनाया जाए जिसे टांग कर रखा जा सके और वह प्रयोक्ता के साथ साथ ही चले.
मसारू का विचार कम्पनी को पसंद आया और सोनी ने 1 जुलाई 1979 को पोर्टेबल कैसेट प्लेयर लॉंच किया जिसका नाम रखा गया वॉकमैन. नाम के पीछे की कहानी यह है कि उस जमाने में सुपरमैन की लोकप्रियता चरम पर थी, तो सोनी ने सोचा कि सुपरमैन की तर्ज पर ही वॉकमैन नाम रखा जाए.
कहना ना होगा लोगों ने वॉकमैन को हाथोंहाथ लिया. सोनी ने लॉंच के पहले दो महीनों में 30 हजार और एक दशक में 5 करोड़ वॉकमैन बेचे. वॉकमैन शब्द को 1986 में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में शामिल भी किया गया.
लेकिन अब जमाना बदल गया है और वॉकमैन समय के साथ चलने में नाकाम रहा है. एप्पल के आईपोड ने वॉकमैन को बीते जमाने का गैजेट बना दिया है. एप्पल ने 2001 में आईपोड लॉंच किया और मात्र 8 साल में 20 करोड़ आईपोड बेच कर वॉकमैन का रिकार्ड तोड दिया.
अब सोनी का इरादा वॉकमैन का परिष्कृत संस्करण लॉंच कर मैदान में टिके रहना है, लेकिन यह मानना पडेगा कि सोनी समय के साथ चलने मे नाकाम रहा.
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