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बनी रहेगी धारा 377, दिल्ली उच्चन्यायलय का फैसला देश पर लागू नही |
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देश दर्पण
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शुक्रवार , , 03 जुलाई |
दिल्ली उच्च न्यायालय के गुरुवार को दिए गए समलैंगिक संबंध वैध वाले फैसले के बावजूद भारतीय दंड विधान की धारा-377 पूरी तरह से समाप्त नहीं होगी. दिल्ली उच्चन्यायालय ने हालाकि इस धारा के वैधता पर प्रश्न चिह्न लगाया था.
दूसरी ओर दिल्ली उच्चन्यायालय का यह फैसला मात्र दिल्ली तक ही सीमित रहेगा, परंतु इसका संज्ञान लिया जा सकता है.
न्यायालय के इस फैसले के बावजूद समलैंगिक संबंधों के लिए “दो वयस्कों के बीच परस्पर सहमति” आवश्यक होगी. ऐसा ना होना अपराध ही माना जाएगा.
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