|
7 ऐसे विलुप्त हो चुके जानवर जिनकी वास्तविक तस्वीरें उपलब्ध है |
|
शानदार 7
|
|
मंगलवार , , 21 जुलाई |
|
कई ऐसे जानवर और जीवसृष्टि हैं जो विलुप्त हो चुकी हैं लेकिन हमने कभी भी उनकी वास्तविक छवि नहीं देखी. वे या तो मानव द्वारा बनाए गए चित्रों में देखे जा सकते हैं या फिर उनके जीवाश्म मिले है जिनके हिसाब से उनके मॉडल बनाए गए हैं. लेकिन कुछ जानवर ऐसे भी हैं जो अब विलुप्त हो चुके हैं लेकिन उनकी यादें वास्तविक छवियों में कैद है.
|
7. क्वेगा |
 |
क्वेगा एक अनोखा प्राणी था. यह मूल तो ज़ेब्रा जैसा था परंतु इसके शरीर पर धारियाँ मात्र आगे के भाग में होती थी.
प्रस्तुत
तस्वीर 1870 में लंडन के एक प्राणी संग्रहालय में खिंची गई थी. आखिरी
क्वेगा एमस्टरडम के चिडियाघर में मौजूद था. जिसकी मृत्यु 1883 में हुई.
|
|
6. तस्मानिया टाइगर |
|
तस्मानियन टाइगर ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में पाए जाते थे. आखिरी तस्मानियन टाइगर की मृत्यु होबार्ट जू में 7 सितम्बर 1936 को हुई.
इससे पहले जंगलों में व्यापक पैमाने में तस्मानियन टाइगर की हत्याएँ की गई थी क्योंकि यह जानवर पालतु भेड तथा मुर्गियों को उठा ले जाता था.
|
5. पेसेंजर कबुतर
|
|
कोई 200 वर्ष पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि यह पक्षी विलुप्त हो जाएगा. उत्तरी अमेरिका के आकाश में लाखों पेसेंजर कबुतर उड़ते रहते थे.
लेकिन बाद में भुखमरी का दौर आया और इस पक्षी को गरीबों का अन्न माना गया और इसका व्यापक सँहार शुरू हुआ.
यह तस्वीर अंतिम पेसेंजर कबुतर मार्था की है जिसकी मृत्यु 1 सितम्बर 1914 को हुई.
|
4. सीरिया का जंगली गदहा
|
|
सीरियाई जंगली गदहा मध्य पूर्व के सुखे इलाके में निवास करता था. किसी समय इनकी अच्छी खासी आबादी थी.
लेकिन बताया जाता है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के समय तुर्की और ब्रिटिश फोजों की लडाई ने इस नस्ल को खत्म कर दिया.
इस अंतिम सीरियाई जंगली गदहे की मृत्यु वियना के ज़ू में 1928 को हुई.
|
3. बबल हार्टबीस्ट
|
|
इस जानवर का पौराणिक महत्व था और इसका उल्लेख मिस्र के पुराने दस्तावेजों में आता है.
यह जानवर कभी मध्य अफ्रीका और मध्यपूर्व के देशों में स्वच्छंद घूमता था. लेकिन यूरोप के शिकारियों ने इसका सँहार करना शुरू किया और जल्द ही यह जानवर इतिहास बन गया.
यह तस्वीर अंतिम जीवित बबल हार्टबीस्ट की है जो पेरिस के चिड़ियाघर में 1923 को मृत्यु को प्राप्त हुआ.
|
2. जावा का बाघ
|
|
जावा बाघ मात्र इंडोनिशिया के जावा द्विप पर दिखाई देता था. लेकिन 1980 के बाद से यह प्राणी कभी देखा नहीं गया.
अब विलुप्त माने जा चुके इस प्राणी का खात्मा इंसानों के द्वारा जंगलों की अंधाधुंध कटाई की वजह से हुआ.
|
|
1. बैजी नदी की डोल्फिन |
|
चीन में पाई जाने वाली बैजी नदी की डोल्फिन शांत स्वभाव की थी और अद्भूत नज़र आती थी. इस मछली का अस्तित्व पिछले 2 करोड वर्षों से था ऐसा बताया जाता है.
लेकिन चीन के व्यापाक औद्योगिकरण ने इस प्राणी की बली ले ली. 2006 में यह स्वीकार कर लिया गया कि यह डोल्फिन अब विलुप्त हो चुकी है.
|
अपनी राय टिप्पणी के माध्यम से दीजिए.
|