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दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपरकम्प्यूटर कार्यरत हुआ |
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पर्सनल कम्प्यूटिंग
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शनिवार , , 25 जुलाई |
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| इस सुपरकम्प्यूटर की सहायता से अंतरिक्ष उपग्रहों के द्वारा भेजे जा रहे आँकड़ों की गणना की जा सकती है |
अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के द्वारा तैयार दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपरकम्प्यूटर Novo-G कार्यरत हो गया है. Novo-G रीकोंफीगरेबल सिस्टम है, यानी कि इसकी अंदरूनी सर्किटरी को जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है.
इस तरह से यह कम्प्यूटर कई कार्यों को कर सकता है और किसी एक विशेष कार्य के लिए तैयार नहीं किया गया है. इस सुपरकम्प्यूटर की सहायता से अंतरिक्ष उपग्रहों के द्वारा भेजे जा रहे आँकड़ों की गणना की जा सकती है, तथा अन्य सुपरकम्प्यूटरों का भार डाला जा सकता है.
क्या होता है रिकोंफिगरेबल सिस्टम:
परम्परागत कम्प्यूटर सिस्टम फिक्स्ड लोजिक डिवाइज़ का इस्तेमाल कर सभी प्रकार की गणनाएँ करते हैं. इससे चाहे कार्य छोटा हो या बड़ा वे उतनी ही जगह घेरते हैं तथा उतनी ही ऊर्जा खाते हैं. दूसरी तरफ विशेष कार्यों के लिए बनाए गए कम्प्यूटर होते हैं जो कम ऊर्जा की खपत में निर्धारित कार्य करते हैं, लेकिन उनसे अन्य कार्य नहीं करवाए जा सकते.
रिकोंफिगरेबल सिस्टम ये दोनों कार्य कर सकते हैं. यह शक्तिशाली परंतु जटिल तकनीक है.
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