|
भविष्य में अंतरीक्ष से मिलेगी पृथ्वी को ऊर्जा |
|
विज्ञान
|
|
शुक्रवार , , 31 जुलाई |
यह विचार कई विज्ञान आधारित उपन्यासों में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन अब यह हकीकत में बदल सकता है. अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की एक कम्पनी द पेसिफिक गैस एंड इलैक्ट्रिक कम्पनी एक ऐसे प्रोजिक्ट पर काम कर रही है जिससे एक स्पेस स्टेशन अंतरीक्ष में सौरऊर्जा ग्रहण कर उसे पृथ्वी तक ट्रांसमिट करेगा.
यह दुनिया का पहला सोलर स्पेस स्टेशन होगा. इस समय इस सिस्टम के लिए जरूरी तकनीक तैयार हो चुकी है. और वैज्ञानिकों का मानना है कि आगामी दशक तक इस तरह का स्टेशन अंतरीक्ष में स्थापित किया जा सकता है.
यह स्टेशन पृथ्वी पर मौजूद सोलर स्टेशनों से अधिक ऊर्जा तैयार करेंगे. इसके पीछे की मुख्य वजहें ये हैं कि अंतरीक्ष में बनाए गए सोलर स्पेस स्टेशन को आँधी – तुफान तथा बादलों की वजह से सूरज की कीरणें प्राप्त ना हो ऐसा नहीं होगा. दूसरी बात यह कि ऐसे स्टेशनों को शुद्ध सौर ऊर्जा मिलेगी जबकि पृथ्वी पर आने वाली सूर्यकिरणें पृथ्वी के वातावरण से छन कर आती है. इसलिए अंतरीक्ष के सोलर स्पेस स्टेशन अधिक ऊर्जा तैयार कर पाएंगे.
यह एक सैटेलाइट का ही विकसित रूप होगा जिसमें सोलर सेल के कई किलोमिटर तक फैल सकने वाले पेनल लगे होंगे. यह सैटेलाइट इन पेनलों की मदद से सूर्य की ऊर्जा ग्रहण कर उन्हें माइक्रोवेव में बदलेगा और पृथ्वी तक ट्रांसमिट करेगा. पृथ्वी पर स्थित रिसिवर इन माइक्रोवेव को ग्रहण कर उन्हें पुन: ऊर्जा में रूपांतरित कर देगा.
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इससे काफी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त हो सकेगी और परम्परागत ऊर्जा सयंत्रों का बोझ कम होगा.
|
|