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आदर्श "सेक्स" साथी कैसे बनें?
अंतरंग
रविवार , , 02 अगस्त
तरकश ब्यूरो



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यह बात सही है कि हर व्यक्ति की अपनी ईच्छाएँ और प्राथमिकताएँ होती हैं, इसलिए एक किसी एक व्यक्ति के लिए आदर्श "सेक्स" स्थितियाँ किसी अन्य के लिए कोई मायने नहीं रखती. परंतु फिर भी कुछ ऐसे छोटी छोटी बातें हैं, जिन पर ध्यान देने से सेक्स जीवन बेहतर हो सकता है.

यदि आप कुछ "आउट ऑफ बॉक्स" बातों को ध्यान रखें तो अपने साथी के साथ बिताए जाने वाले कुछ खास पल यादगार बने रहेंगे.

संतुष्टि देने का प्रयत्न:
सेक्स एक ऐसी क्रिया है, जिसमें मात्र प्राप्ति की आशा नहीं रखी जा सकती. इसलिए हमेशा प्रयत्न करें कि आपके साथी को पूर्ण संतुष्टि का अनुभव हो. यदि आप दोनों ऐसा सोचेंगे तो आपके वे पल यकीनन यादगार बनते रहेंगे.

हो सकता है कि कुछ सेक्सुअल चीजें आपको अच्छी ना लगती हों, परंतु आपके साथी को लगती हों, तो प्रयत्न करे कि कभी कभी आपके साथी की खुशी के लिए आप विविध प्रयोग करते रहें. जरूरी नही कि आप हमेशा ऐसा करें, परन्तु कभी कभी तो ऐसा किया ही जा सकता है.

स्वच्छता का ख्याल:
स्वच्छता का आग्रह सबका होता है. इसलिए अपने शरीर की जाँच करे और अनचाहे बालों को हटा दें. स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ देह "सेक्स" के लिए सर्वाधिक जरूरी है. उन लम्हों को और भी बेहतर बनाने के लिए सुगंधित इत्र का प्रयोग भी कर सकते हैं.

नवीनता बनाए रखें:
सेक्स को मात्र करने के लिए ना करें. सेक्स कोई दैनिन्दिनी का कार्य नहीं है. यह संतुष्टि और प्रजनन के लिए आवश्यक क्रिया है. इसलिए इन पलों का हमेशा आनंद लेना चाहिए. इसके लिए जरूरी है कि विविधता बनी रहे.

एक ही प्रकार की क्रिया और आसन से सेक्स एक नीरस क्रिया बन जाती है.

अपने वजन पर नजर रखें:
शरीर में "ठीक" व्यक्ति भी सेक्स का आनंद तो उठा ही सकते हैं, लेकिन फिर भी यह भी सत्य है कि यदि दोनों व्यक्तियों का शारीरिक वजन संतुलित हो.

तो चैक करें कि कहीं आपका वजन बढ तो नही रहा है! यदि बढता हुआ लगे, तो आज से ही कसरत करनी शुरू कर दीजिए. क्योंकि संतुलित वजन स्वास्थ्य और सेक्स दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है.

 



टिप्पणियाँ (1)add
फन ऑफ लाइफ
द्वारा प्रेषित कमल शर्मा , फ़रवरी 28, 2009
अच्‍छी जानकारी। यौन शिक्षा का बेहतर तरीका अपनाया है इस साइट। वाकई स्‍वस्‍थ, स्‍वच्‍छ और उम्‍दा लेखन के लिए साधुवाद। आपको साधुवाद ही दे रहा हूं इसका मतलब यह नहीं कि आप घरबार छोड़कर साधु मत बन जाना। लेखों का यह क्रम जारी रखें।
आपने इत्र आदि के प्रयोग आदि की बात लिखी है। अपने बैडरुम को बेहतरीन ढंग से सजाने के अलावा बेहतर फूलों का भी उपयोग किया जा सकता है। अच्‍छा वातावरण मन और तन को प्रभावित करता है।
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