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7 सावधानियाँ जो बचाती हैं स्वाइन फ्लू से |
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स्वास्थ्य
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मंगलवार , , 11 अगस्त |
भारत सहित दुनिया के लगभग प्रत्यैक देश में स्वाइन फ्लू से ग्रस्त मरीजों की संख्या लगातार बढ रही है. एक दूसरे से लगने वाले इस रोग की वजह से लोगों में भय व्याप्त हो गया है. यह सच है कि इस रोग की वजह से देश में कुछ मौतें हुई है, लेकिन फिर भी यह जरूर कहा जाना चाहिए कि इस रोग का इलाज सम्भव है कुछ बातों का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है.
- ध्यान रखिए कि आप किससे मिल रहे हैं. जो लोग अभी अभी विदेश यात्रा [विशेष रूप से दक्षिण एशियाई देश और अमेरिका] से लौटें हैं उनके सम्पर्क में आने से बचें अथवा सावधानी रखें. मूँह पर मास्क लगाकर ही उनसे मिलने जाएँ. यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि हर विदेश से आने वाले व्यक्ति को स्वाइन फ्लू होगा ही, परंतु सावधानी रखना हमारे हाथ में है.
- सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें कुछ दिनों के लिए फिल्म देखने अथवा मॉल में खरीददारी करने जाने से बचें. इसके अलावा अन्य सार्वजनिक स्थानों जैसे कि रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर विशेष ध्यान रखें.
- छींकते समय अपने नाक को रूमाल अथवा टिस्यू से ढक लें. उसके बाद टिस्यू को तुरंत ही नष्ट कर दें. छींकने के बाद हाथों को तुरंत धो लें. यदि सम्भव हो तो अल्कोहोलिक सोल्यूशन से हाथों को धोएँ.
- सामान्य सर्दी होने पर घभराएँ नहीं. सामान्य सर्दी और फ्लू में भेद किया जा सकता है. फ्लू होने पर बुखार आती है तथा सरदर्द और बदन दर्द भी काफी होता है. ये दोनों बातें सामान्य सर्दी होने पर अमुमन नहीं होती. फ्लू की शिकायत लगने पर सम्पूर्ण शारीरिक जाँच करवाएँ. यह तब और भी आवश्यक हो जाता है यदि आपके आसपास रहने वाले किसी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दिए हों.
- भरपूर मात्रा में द्रव्यों का सेवन करें. अपने शरीर में पानी की मात्रा को कम ना होने दें.
- ओसेल्टामाइवर और ज़ानामाइवर दवाईयों के द्वारा एंटीवायरल चिकित्सा से एच1एन1 वाइरस संक्रमण से बचा जा सकता है. ये दवाईयाँ चिकित्सकों की देखरेख में ही ली जा सकती है.
- अपने घर तथा ऑफिस में साफ सफाई करते रहें. दरवाजों के हैंडल, मेजें तथा अन्य ऐसे स्थान जहाँ लोग हाथ लगाते हैं की सवाई करते रहें.
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