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पूर्वी हिमालय है नई जीवसृष्टि की खान, मिले कई नए जीव और पौधे
पर्यावरण
बुधवार , , 12 अगस्त
तरकश ब्यूरो



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लीफ हिरण
वैज्ञानिकों ने पूर्वी हिमालय क्षैत्रों की खोजबीन कर जीवसृष्टि के नए अवतारों पर से पर्दा उठाया है. करीब दशक भर की खोज के बाद वैज्ञानिकों ने इस इलाके से करीब 244 नए पौधे, 16 नए रैंगने वाली जीव, 2 नई प्रजाति के पक्षी, 16 एम्फीबीयन आदि खोज निकाले हैं. यदि सभी जीवसृष्टियों को मिलाकर देखा जाए तो कुल 350 नई प्रजातियाँ पता चली है.

इनमें से कुछ तो सचमुच अनोखी है. जैसे कि उड़ने वाला मेढक. जीहाँ, एक चमकीले हरे रंग का मेढक देखा गया है जिसके पाँव झल्लीदार हैं. यह मेढक अपने लाल रंग के पाँवों के सहारे उड़ान भर सकता है.

इसके अलावा वैज्ञानिकों को दुनिया का सबसे प्राचीन और सबसे छोटा हिरण भी दिखाई दिया है. पहले वैज्ञानिकों ने माना था कि यह कोई नई प्रजाति नहीं होगी बल्कि किसी अन्य जाति के हिरण का बिगड़ा हुआ स्वरूप होगा. लेकिन डीएनए टेस्ट से साबित हुआ कि ये हिरण एकदम नई प्रजाति के हैं.

पूर्वी हिमालय के बीहड़ वन और घाटियाँ जीवसृष्टि की खान है. यहाँ 10000 जाति के वृक्ष, 176 रैंगने वाले जीव, 300 स्तनधारी जीव, 977 जाति के पक्षी और 270 जाति की मछलियाँ देखने को मिलती है.

लेकिन इनकी संख्या इससे कहीं अधिक हो जाती है. पूर्वी हिमालय के बहुत बड़े हिस्से को अभी तक देखा भी नहीं गया है. यह स्थान काफी दुर्गम पहाड़ियों से घिरा है. इसलिए वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कई नई जीवसृष्टियाँ इन बीहड़ वनों में छुपी हुई ही है, और अभी तक खोजी जानी बाकी है.

लेकिन जैसे जैसे मानवनिर्मित प्रदुषण बढता जा रहा है इन जीवसृष्टियों के लिए जीवन टिका पाना मुश्किल होता जा रहा है.


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