एक नई शोध से पता चला है कि 24 वर्ष की उम्र में ही दिवालिया घोषित करने की दर तेजी से बढ रही है और इसमें महिलाएँ पुरूषों से आगे है.
यह शोध करने वाली संस्था विल्किंस केनेडी के अनुसार ऐसा इसलिए है क्योंकि अपनी स्वतंत्रता का प्रदर्शन करने के लिए महिलाँए अनहद खर्च करती हैं जिससे उनकी
आर्थिक स्थिति डाँवाडोल हो जाती है.
एक ब्रिटिश अखबार के अनुसार पिछले वर्ष जिन युवा लोगों ने दिवालिया होने की अर्जी दाखिल की थी उनमें 55% महिलाएँ थी, जबकि उससे पहले के वर्ष में यह दर 48% थी.
इस शोध के अनुसार अधिकाधिक महिलाएँ
आर्थिक विषमताओं मे फंस रही हैं क्योंकि वे अपनी सफलता का प्रदर्शन करने के लिए मँहगे कपडे और सौंदर्य प्रसाधन खरीदती हैं. इसके अलावा इस शोध के माध्यम से यह भी कहा गया है कि घर खरीदने के मामले में महिलाएँ पुरूषों की अपेक्षा अधिक सक्रीय होती हैं और महँगे से मँहगा घर खरीदना चाहती हैं, भले ही इससे उनकी आर्थिक परिस्थिति बिगड जाए.
आज से पाँच साल पहले तक स्थिति इसके उलट थी. पाँच साल पहले दिवालिया होने वाले अधिकतर युवा पुरूष होते थे. लेकिन अब महिलाएँ उनसे आगे निकल गई हैं.