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| आंसू उत्क्रांति आधारित एक मैकेनिज़म है जो लोगों को एक दूसरे के करीब लाता है
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आंसू के भी कई प्रकार होते हैं – खुशी के आंसू, दुख के आंसू, दर्द के आंसू, डर के आंसू आदि. वैसे आम तौर पर रोने को शारीरिक दर्द और तनाव से संबंधित माना जाता है लेकिन इसके कई भावनात्मक लाभ भी हैं. रोने से एक दूसरे व्यक्ति के सबंध मजबूत बनते हैं.
तेल अवीव विश्वविद्यालय के डॉ. ओरेन हसन ने अपने विश्लेषण में पाया ह कि आंसू जहाँ भावनात्मक और शारीरिक पीड़ा को दर्शाते हैं, वहीं आंसू उत्क्रांति आधारित एक मैकेनिज़म है जो लोगों को एक दूसरे के करीब लाता है.
डॉ. हसन के अनुसार, रोना एक कला है. रोने वाला व्यक्ति यह दर्शाता है कि उसे किसी कि जरूरत है, वह हार चुका है, समर्पण कर रहा है आदि. रोने वाले व्यक्ति की आँखों में पानी होने से उसे कम दिखाई देता है, इससे वह यह प्रगट करता है कि वह अब और नहीं लड़ सकता, वह हार मान चुका है और साथ चाहता है.
रोने से अपने परिवार और मित्रों का साथ प्राप्त किया जा सकता है और उनकी सहानुभूति भी प्राप्त होती है. इसके अलावा आंसू दया का भाव भी प्रगट करते हैं. रोने का एक भाव यह दर्शाता है कि आपको किसी पर दया आ रही है और आप उसके साथ हैं. सामने वाला व्यक्ति आपके रोते चेहरे को पढ लेता है कि आपको उससे सहानुभूति है.
इवोल्यूशनरी साइकोलोजी में प्रकाशित खबर के अनुसार रोना भी एक भाषा की तरह काम करता है. हम इसे समझते हैं परंतु हमें कभी इस बात का अहसास नहीं होता.