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नए टीके की खोज बनाएगी एड्स के इलाज को सम्भव! |
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स्वास्थ्य
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मंगलवार , , 01 दिसम्बर |
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| पिछले 20 वर्षों से दुनिया भर के वैज्ञानिक इसे विकसित करना चाह रहे हैं
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हालाँकि यह आंशिक कामयाबी ही है परंतु इससे भविष्य का द्वार खुल गया है. प्रयोगात्मक परीक्षण के दौरान एड्स टीके की एक नई पद्धति ने उल्लेखनीय नतीजे दिए हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस टीके की वजह से एड्स इंफेक्शन लगने की सम्भावना 31% तक कम हो सकती है.
इस पद्धति का विकास थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर किया है. इस पद्धति में एचआईवी के दो अलग अलग टीकों का एक साथ उपयोग किया गया. इसमें से एक टीका ALVAC है जो फ्रांस की दवाई बनानी वाली कम्पनी सेनोफी-एवेंटीस ने बनाया है तथा दूसरा टीका AIDSVAX है जो वैक्सजेन ने बनाया है. पहला टीका रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाकर एचआईवी पर हमला करता है तो दूसरा टीका एचआईवी के खिलाफ लड़ने की ताकत प्रदान करता है.
अभ्यास के दौरान वैज्ञानिकों ने 18 से 30 साल के एचआईवी नेगेटिव लोगों को इन दोनों टीकों का मिश्रित डोज दिया. इसके तहत आधे लोगों को ALVAC के चार डोज़ और AIDSVAX के दो डोज़ दिए गए.
छ: महीने के कोर्स के बाद पता चला कि जिन 8197 लोगों को टीके दिए गए थे उनमें से 51 लोगों को इंफेक्शन लगा, जबकि डमी शोट लेने वाले 8198 लोगों में से 74 लोगों को इंफेक्शन लगा. यानी कि जिन लोगों ने टीके लिए थे उनको इंफेक्शन लगने की दर 31% तक कम थी.
इस खोज से वैज्ञानिक उत्साहित हैं, क्योंकि इससे भविष्य में एड्स जैसे रोग से सम्पूर्ण बचाव हो सके ऐसा टीका विकसित करने का मार्ग आसान हो जाएगा. हालाँकि अभी इसमे काफी समय लगेगा लेकिन अब यह सम्भावना प्रबल हो गई है.
इस प्रयोग से जुड़ॆ एक शीर्ष वैज्ञानिक के अनुसार,"यह कोई धमाकेदार खोज तो नहीं कही जा सकती लेकिन यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जरूर है."
एक तरह से देखा जाए तो 31% सफलता कोई बहुत बड़ी सफलता नहीं मानी जा सकती है, लेकिन यह एड्स के टीके के मामले में यह वाकई में बड़ी सफलता है क्योंकि पिछले 20 वर्षों से दुनिया भर के वैज्ञानिक इसे विकसित करना चाह रहे हैं और अब पहली बार सफलता हाथ लगी है.
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