भारतीय मूल के, भारतीय, अप्रवासी भारतीय, भारतीय मूल के विदेशी नागरिक तथा विदेशी मूल के भारतीय नागरिकों को कई बार नोबल पुरस्कार मिल चुका है. इसकी एक झांकी:
इनका जन्म 1952 में तमिलनाडु के चिदम्बरम में हुआ था. राइबोसोम के विकास के द्वारा नई एंटीबायोटिस तकनीक विकसित करने में दिए गए योगदान के लिए इन्हें थोमस स्टिट्ज़ और अदा योनाथ के साथ सयुंक्त रूप से 2009 का नोबल पुरस्कार मिला है.
इनका जन्म 1932 में पोर्ट ऑफ स्पेन त्रिनिदाद में हुआ था. इनका परिवार उत्तर भारत से विस्थापित होकर यहाँ बसा था. इन्हें साहित्य के क्षैत्र में योगदान के लिए 2001 में नोबल पुरस्कार मिला.
जेत्सुन जाम्फेल नवांग लोम्बसांग येशे तेनजिन गेस्टो यानी दलाई लामा का जन्म 1935 में तिब्बत के तख्तसेर में हुआ था. चीन द्वारा तिब्बत पर कब्जा कर लिए जाने के बाद वे भारत आ गए थे. विश्व में अहिंसा और शांति का संदेश फैलाने के लिए इन्हें 1989 में शांति का नोबल पुरस्कार मिला.