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ऑल द बेस्ट - समीक्षा - बेस्ट कॉमेडी |
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समीक्षा
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शुक्रवार , , 16 अक्टूबर |
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3.5/5
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धाँसु एक्शन!
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रोहित शेट्टी ने कॉमेडी फिल्मों की एक नई विधा विकसित की है, इसमें कोई शक नहीं. और शुक्र है कि यह विधा काम कर रही है और अलग भी है. आज कल तीन तरह की कॉमेडी फिल्में देखी जा सकती है. डेविड धवन मार्का फिल्में, प्रियदर्शन मार्का फिल्में और रोहित शेट्टी की फिल्में. इनमें से अंतिम दो सचमुच में प्रभावित करती है.
कहानी
फिल्म की कहानी है वीर की जो अपने भाई धरम से पोकेट मनी पाता है. वह उससे झूठ बोलता है कि उसकी शादी हो चुकी है. दूसरी तरफ धरम का मित्र प्रेम है जो कंसेप्ट गाडियाँ तैयार करता है.
कुछ घटनाएँ ऐसी घटती है कि धरम को प्रेम की पत्नी जाह्नवी [बिपाशा बसु] वीर की पत्नी लगती है और वीर की प्रेमिका विद्या [मुग्धा गोड़से] प्रेम की.
क्यों देखें:
फिल्म में गड़्बड़झाला कोमेडी है. इसे सिचुएशन कॉमेडी भी कहते हैं. जॉनी लीवर और संजय मिश्रा के ट्रेक काफी अच्छे बने हैं और खूब हंसाते हैं. अजय देवगण भी जमते हैं.
क्यों ना देखें:
फिल्म मध्यांतर में खिंची हुई लगती है.
अंत में:
रोहित शेट्टी की पिछली फिल्मों गोलमाल और गोलमाल रिटर्नस की तरह यह फिल्म भी काफी हंसाती है. जरूर देख सकते हैं.
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