गूगल वेव , गूगल की नई साइट है जो रीयल टाइम कार्य यानी कि एकसाथ संचार के सुविधा प्रदान करती है. यह वेबसाइट अभी
पब्लिक बीटा स्वरूप में हैं अर्थात आम जनता के लिए अभी यह साइट उपलब्ध नहीं है परंतु गूगल के द्वारा निमंत्रित कुछ लाख लोग इस सुविधा की जाँच कर रहे हैं.
बहरहाल विशेषज्ञों का मानना है कि गूगल वेव भविष्य में संचार क्रांति लाएगा. यह एक ऐसी सुविधा होगी जो ना केवल लोगों के काम आएगी बल्कि आधुनिक ओनलाइन संचार की परिभाषा को बदल देगी.
यह सुविधा वर्तमान ईमेल सुविधा की जगह लेने में सक्षम होगी. कम से कम तीन ऐसी सुविधाएँ होंगी जो इसे वर्तमान ईमेल सेवा से बेहतर बनाएगी.
स्पूफिंग की रोकथाम
स्पूफिंग उसे कहते हैं जब आपके इनबॉक्स में किसी परिचित व्यक्ति या कम्पनी का ईमेल आए, परन्तु वह ईमेल उस व्यक्ति या कम्पनी द्वारा भेजा गया ना हो बल्कि किसी हैकर के द्वारा भेजा गया हो. गूगल वेव स्पूफिंग से मुक्त होगा. वेव का आधुनिक ऑथंटिकेशन प्रोग्राम किसी भी प्रकार की हैकिंग से प्रयोक्ता को नुकसान नहीं देगा. कोई भी प्रयोक्ता जब किसी अन्य प्रयोक्ता के द्वारा भेजा गया वेव प्राप्त करेगा तो वह निश्चिंत रह सकेगा कि वह संदेश उसी प्रयोक्ता के द्वारा ही भेजा गया है, क्योंकि वह संदेश अपने गंतव्य स्थान से ही पूरी जाँच के बाद ही आगे प्रेषित होगा.
पूर्व – सक्षम HTTPS
HTTPS एक प्रोटोकोल है जो सुरक्षित संचार सुनिश्चित करता है. गूगल वेव शुरू से ही HTTPS सक्षम है. इससे संचार इनस्क्रीप्टेड हो जाता है जो सुरक्षा का एक अतिरिक्त आवरण प्रदान करता है.
यह इस मायने में काफी महत्वपूर्ण है कि जुलाई 2008 तक जीमेल से लेकर गूगल डॉक्स, कैलेंडर आदि सभी सुविधाएँ HTTPS सक्षम नहीं थी [मुफ्त सेवा लेने वाले प्रयोक्ताओं के लिए]. गूगल डॉक्स को इनस्क्रीप्टेड मोड में चलाने के लिए प्रयोक्ताओं को आज भी HTTPS टाइप करना पड़ता है, परंतु गूगल वेव स्वत: ही इसे ले लेगा.
इससे संचार धीमा तो हो जाता है परंतु सुरक्षित भी बनता है.
व्हाइटलिस्टिंग
जैसे ब्लैक लिस्ट होती है वैसे ही है व्हाइट लिस्ट. अब अवांछित व्यक्तियों या कम्पनियों को ब्लैक लिस्ट कर देते हैं. वेव में आपको व्हाइट लिस्टिंग की सुविधा मिलेगी. यानी कि आप उन लोगों की एक सूचि बना पाएंगे जिनके द्वारा भेजे गए वेव आप प्राप्त करना चाहेंगे. उस समूह के अलावा अन्य किसी के वेव आपको प्राप्त नहीं होंगे. इससे आपका इनबॉक्स भी अनावश्यक ईमेलों से नहीं भरेगा. वहाँ वही वेव होंगे जो आप चाहेंगे.
जब आप अपनी व्हाइट लिस्ट खुद बनाएंगे तो निश्चिंत भी रह पाएंगे कि आपको कोई स्पाम वेव नहीं मिलेगा.
गूगल वेव में पहली दो सुविधाएँ तो फिलहाल उपलब्ध है लेकिन तीसरी सुविधा अभी जोड़ी जानी बाकी है.