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इंदिरानामा; भारत की "लौह महिला" |
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विशेष
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शनिवार , , 31 अक्टूबर |
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गुंगी गुड़िया से निरंकुशता तक
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उनके बारे में कहा जाता था कि उनकी कैबिनेट की वे एकमात्र "पुरूष सदस्य" है. इंदिरा के बारे में यह सटीक टिप्पणी हो सकती है. वे ध्येय की पक्की थी, देशभक्त थी तो तानाशाह और निरंकुश भी.
आज की कांग्रेस उनके दिखाए रास्ते पर ही चल रही है और शायद इसलिए उनके विचार आज भी प्रासंगिक है. उनकी हत्या के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं लेकिन इंदिरा आज भी मौजूद है.
19 नवम्बर 1917: इलाहाबाद में प्रियदर्शनी का जन्म हुआ.
1936: इंदिरा ने 19 वर्ष की आयु में माँ कमला नेहरू को खो दिया.
1941: इंदिरा राजनीति में आईं. वे ऑक्सफोर्ड से अभ्यास कर भारत आई थी.
1944: उन्होने पिता की मर्जी के खिलाफ फिरोज गांधी से विवाह किया था. इस वर्ष उन्हें पुत्र हुआ जिसका नाम राजीव रखा गया.
1959: कांग्रेस की अध्यक्षा बनी.
1964: अपने पिता को खोया. लाल बहादुर शाष्त्री की कैबिनेट में सूचना और प्रसारण मंत्री बनी.
1966: शाष्त्रीजी की मृत्यु हुई और इंदिरा प्रधानमंत्री बनी.
1969: बैंको का राष्ट्रीयकरण किया
1971: पाकिस्तान के विरूद्ध युद्ध छेड़ा. बांग्लादेश स्वतंत्र हुआ.
1974: पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण किया गया.
1975: हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को अयोग्य ठहराया. इसके बाद विपक्षी दलों ने राष्ट्र भर में बढती कीमतो और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया. इंदिरा ने आपातकाल लगाया.
1977: चुनावों की घोषणा की और बुरी तरह से हारी. जनता दल सरकार बनी. इंदिरा को गिरफ्तार किया गया.
1980: कांग्रेस को भारी बहुमत मिला. इंदिरा फिर से प्रधानमंत्री बनी. संजय गांधी की दुर्घटना में मृत्यु.
1984: 3 जुन को ऑपरेशन ब्लू स्टार की अनुमति दी.
31 अक्टूबर 1984: सतवंत सिहं और बेअंत सिहं नामक अंगरक्षकों ने इंदिरा गांधी की गोली मार कर हत्या की.
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