| वंदे मातरम के खिलाफ फतवा, भाजपा ने उठाए सवाल |
| देश दर्पण | |
| बुधवार , , 04 नवम्बर | |
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जमाते उलेमा ए हिन्द के द्वारा मुसलमानों को वंदे मातरम ना गाने के लिए जारी फतवे का समर्थन करने से विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे देशद्रोह कहा है. भाजपा के अनुसार वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है और इस तरह से फतवा जारी करना राष्ट्र भावना के खिलाफ है. भाजपा ने उलेमाओं के इस सम्मेलन में गृहमंत्री पी.चिदम्बरम की उपस्थिति पर भी सवाल खड़े किए. श्री नकवी ने कहा कि वन्दे मातरम के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद गृहमंत्री वहाँ क्यो गए, इस बारे में प्रधानमंत्री को स्पष्टिकरण देना चाहिए. गौरतलब है कि दारूल उलूम के फतवे के अनुसार मुसलमानों को राष्ट्रगीत वंदे मातरम नहीं पढ़ना चाहिए, क्योंकि इस्लाम सिर्फ खुदा की इबादत की बात कहता है, जबकि वंदे मातरम गीत में वतन की इबादत की बात कही गई है.
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टिप्पणियाँ
(1)
Vande Matram is a patriotric song but not National Anthem so what is the fuss about? It is not sung on National functions like Independence Day and no body is obliged to sing it. Let us not over react to the Fatwa and just ignore it. Let us not make our National Pride so cheap. How many Indians sing Vande Matram anyway.
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