| वंदे मातरम को लेकर विभाजित राजनेता |
| देश दर्पण | |
| गुरुवार , , 05 नवम्बर | |
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जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की ओर से राष्ट्रगीत वन्दे मातरम के खिलाफ पारित प्रस्ताव से देश की राजनीति में भूकम्प आ गया है. भाजपा ने जहाँ इस मुद्दे पर गृहमंत्री से माफी मांगी है, वहीं गहमंत्री का कहना है कि प्रस्ताव पारित किए जाते समय वे वहाँ मौजूद नही थे. अब जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमणियन स्वामी ने कहा है कि मुस्लिमों को जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की ओर से पारित की निंदा करनी चाहिए. फतवे की प्रकृति में आए प्रस्ताव का पारित होना संविधान का उल्लंघन है और इसके लिए भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई की जा सकती है. उधर समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर उलेमाओं के साथ खड़ी दिखाई देती है.
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