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दमे का खतरा महिलाओं को अधिक |
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स्वास्थ्य
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गुरुवार , , 12 नवम्बर |
दम का रोग किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकता है. परंतु छोटे बच्चों, किशोरों और बुजुर्गों में इस रोग के लक्षण अधिक दिखाई देते हैं. यह रोग पुरूषों और महिलाओं दोनों के लिए कष्टदायक सिद्ध होता है, परंतु एक नए अभ्यास से पता चला है कि पुरूषों की अपेक्षा महिलाएँ इस रोग से अधिक प्रभावित होती हैं.
साहलग्रेंस्का विश्वविद्यालय के अनुसार दमे से ग्रस्त महिलाएँ और पुरूष भावनात्मक, शारीरिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक रूप से अलग होते हैं. इससे उनका जीवन प्रभावित होता है.
दमे से ग्रस्त पुरूषों की अपेक्षा दमे से ग्रस्त महिला स्वयं की अवस्था अधिक खराब मानती है. 20 वर्ष की आयु तक के कुछ पुरूषों और महिलाओं के ऊपर किए गए सर्वे के माध्यम से पूछा गया कि दम की वजह से उनका जीवन कितना प्रभावित हो रहा है?
इस सर्वे से पता चला कि अधिकाधिक महिलाओं ने कहा कि दम की वजह से वे खेल नहीं खेल पाती, रात को ठीक से सो नहीं पाती, और उनका सामाजिक जीवन खराब हो गया है.
लेकिन एक दूसरा पहलु यह भे है कि दम के इलाज के प्रति महिलाएँ पुरूषों की अपेक्षा अधिक जागरूक और गम्भीर होती हैं.
पुरूष दम के रोग को अधिक गम्भीरता से नहीं लेते और इसके इलाज के प्रति अधिक सवेंदनशील नहीं होते.
इस शोध से जुड़े रोसिता संडबर्ग के अनुसार – यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आप दवाई ले रहे हैं या नहीं, महत्वपूर्ण यह है कि आप सही इलाज सही समय पर करवा रहे हैं या नहीं.
इस मामले में महिलाएँ अधिक सचेत होती हैं.
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