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प्यार का हार्मोन ही है “ईर्ष्या” का हार्मोन |
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रोचक तथ्य और जानकारी
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शनिवार , , 14 नवम्बर |
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क्या आप जानते हैं आपस में “प्यार” होने के लिए जिम्मेदार हार्मोन ओक्सिटोसिन ही ‘जलन’ और ‘बदले” की भावना को भी जगाता है.
ओक्सिटोसिन प्यार का हार्मोन है. जब कोई व्यक्ति अच्छे मूड में होता है तो ओक्सिटोसिन अच्छी सामाजिक भावनाएँ जगाता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति खराब मूड मे हो तो वही ओक्सिटोसिन गैर सामाजिक भावनाएँ जगाने लगता है.
इज़रायल की हाइफा विश्वविद्यालय के संशोधकों ने इस विषय पर एक शोध किया. उन्होने कुछ स्वयंसेवकों की दो टीमें बनाई और उन्हें ‘भाग्य का खेल” नामक खेल खेलने को कहा. खेल के दौरान एक टीम को पहले दौर में सिंथेटिक ओक्सिटोसिन का डोज दिया गया और दूसरे दौर में एक छद्म हार्मोन का डोज़ दिया गया. दूसरी टीम को पहले छद्म और बाद में ओक्सिटोसिन हार्मोन का डोज़ दिया गया.
“भाग्य का खेल” में प्रत्यैक खिलाड़ी के आगे 3 दरवाज़े होते थे, जिसमें 1 दरवाजे के पीछे धन छूपा होता था. खिलाड़ी को एक दरवाजा खोलना होता था. वह जीत भी सकता था और हार भी सकता था.
इस प्रयोग के माध्यम से देखा गया कि जिन खिलाड़ियों को ओक्सिटोसिन का डोज़ दिया गया उनमें प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी के प्रति जलन की भावना अधिक दिखाई दी. कुछ खिलाड़ियों में बदला लेने की भावना भी उत्पन्न हुई.
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