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वायुसेना का पायलट बनना है तो मातृत्व से करो परहेज |
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देश दर्पण
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बुधवार , , 18 नवम्बर |
भारतीय वायुसेना का कहना है कि वह महिलाओं को बतौर लड़ाकू जहाज पायलट भरती कर सकती है यदि वे मातृत्व से परहेज करने को राजी हों.
वायुसेना उपाध्यक्ष एयर मार्शल पीके बारबोरा के अनुसार महिलाएँ भी पायलट बन सकती है लेकिन इसके लिए उनको करीब 12-15 साल तक मातृत्व से परहेज करना होगा.
उन्होने कहा 'एक लड़ाकू पायलट के प्रशिक्षण पर देश औसतन 11 करोड़ 66 लाख रुपये खर्च करता है. इसलिए हम नहीं चाहेंगे कि कोई महिला पायलट 33-35 वर्ष की उम्र तक माँ बने और मेडिकल या पारिवारिक कारणों से छुट्टी ले. क्योंकि इससे उनकी सेवाएं उपलब्ध नहीं हो सकेगी और यह ना तो उनके लिए ना ही देश के लिए ठीक होगा.'
उन्होने कहा कि हम नहीं चाहते कि हमारी महिलाएँ युद्धबंदी बने लेकिन फिर भी वायुसेना महिलाओं को लड़ाकू पायलट की जिम्मेदारी दे सकती है लेकिन वायुसेना की अपेक्षा होगी कि वे शादी तो करें लेकिन कम से कम कुछ वर्षो के लिए संतान सुख प्राप्त करने की ना सोचे.
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