कभी भी कोई भी नई चीज खोजी जाती है तो हम इंसान उस चीज या उत्पाद को लेकर शंकाशील
हो जाते हैं. लेकिन समय के साथ सब ठीक हो जाता है और शंकाएँ निर्मूल हो जाती हैं - प्रोफेसर रोडनी क्रोफ्ट.
प्रोफेसर रोडनी द ऑस्ट्रेलियन सेंटर फोर रेडियोफ्रिक्वेंसी
बायोइफैक्ट रिसर्च के निदेशक हैं. इनका मानना है कि मोबाइल फोन से कथित खतरे के बारे
में जितना भी कहा जाता है या लिखा जाता है उसमें सबकुछ है पर सच नहीं है.
प्रो. रोडनी के अनुसार हम इंसान तो वर्षों से रेडियो
ट्रांसमिशन को महसूस करते रहे हैं. एफ.एम. रेडियो कोई नई चीज नहीं है और एफएम रेडियो
एंटिना के द्वारा भी रेडियो ट्रांसमिशन किया जाता रहा है लेकिन हम इंसानों को उससे
कभी कोई खतरा नहीं हुआ तो मोबाइल टावर द्वारा उत्सर्जित ट्रांसमिशन लहरों से कैसे होगा? हमारा शरीर इस प्रकार के विकिरणों को झेलने में सक्षमता हासिल कर लेता है.
रोडनी के अनुसार जब माइक्रोवेव ओवन का उत्पादन
शुरू हुआ था तब भी लोगों ने उस पर शंका जताई थी, लेकिन वे शंकाएँ
भी गलत साबित हुई. इसी तरह से मोबाइल फोन से दिमाग का कैंसर हो सकता है या मोबाइल टावर
से प्रदुषण फैल रहा है जैसी बातें भी समय के साथ गलत साबित होगी.
बहरहाल इस वर्ष के अंत तक विश्व स्वास्थ्य संगठन
मोबाइल फोन और उससे सम्भावित खतरे के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित करने वाला है. लेकिन
प्रो. रोडनी निश्चिंत है. उनका कहना है कि वे अपने मोबाइल फोन से खुश हैं और सुरक्षित
भी.