| समीक्षा | |
| शुक्रवार , , 11 दिसम्बर | |
रणबीर कपूर बहुत जल्द नम्बर 1 की कुर्सी पर काबिज हो जाएँ तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए. कपूर खानदान के इस अपेक्षाकृत नए अभिनेता ने बहुत जल्द अपनी पहचान बना ली है, और इसके वे हकदार भी हैं. रॉकेट सिंह विशुद्ध रणबीर फिल्म है, जिसे उन्होनें नई ऊँचाईयाँ दी है.हरप्रीत सिंह बेदी (रणबीर कपूर) जैसे तैसे स्नातक बनता है और एक कम्प्यूटर विक्रेता कम्पनी में सेल्समैन बन जाता है. हरप्रीत अच्छे दिल का व्यक्ति है जो अपनी ईमानदारी के कारण मुश्किलों में फँसता रहता है. इस वजह से वह अपना काम भी ठीक ढंग से नहीं कर पाता और कम्पनी के लिए बोझ बन जाता है. लेकिन इस बीच वह अपनी एक कम्पनी खड़ी कर लेता है और अपने उसुलों पर चलते हुए आगे बढता जाता है. कुछ उतार चढाव के बाद उसकी मूल कम्पनी को अपनी भूल का अहसास होता है. फिल्म की कहानी सीधी सादी है लेकिन निर्देशक शिमित अमीन ने इसे बहुत सुंदरता से फिल्माया है. कई दृश्य काफी अच्छे बन पड़े हैं. लेखक जयदीप साहनी की भी प्रशंसा करनी होगी. अभिनय की दृष्टि से रणदीप छा जाते हैं. गौहर खान अच्छी लगी हैं. शेजान पद्मसी की यह पहली फिल्म है लेकिन वे प्रभावित नहीं करती. फिल्म कहीं कहीं कुछ अधिक मसालेदार लगती है. कहीं कहीं रॉकेट सिंह की अति ईमानदारी भी बोर करती है. शिमित अमीन के बढिया निर्देशन और रणबीर कपूर के शानदार अभिनय के लिए देखी जा सकती है.
Set as favorite
Bookmark
Email This
टिप्पणियाँ
(0)
|
|