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राजखोवा को व्यापारी समझते हैं उसके बच्चे
देश दर्पण
शनिवार , , 12 दिसम्बर

उल्फा अध्यक्ष अरबिंद राजखोवा के दोनों बच्चे उसे एक बांग्लादेशी व्यापारी समझते हैं. सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राजखोवा की 13 वर्षीय पुत्री कामचेन बोहागी उर्फ अनन्या अख्तर अपने पिता को मिजानुर्रहमान के नाम से जानती है. बच्चों से बातचीत करने के बाद अधिकारियों ने बताया कि अपने पिता राजखोवा को हथकड़ी में देखकर और उसके जेल जाने से बच्चे हैरान हैं. कामचेन और उसका पांच वर्षीय भाई गदाधर उर्फ फरीन रहमान मानते हैं कि वे बाग्लादेशी हैं. लेकिन असलियत दोनों बच्चों में से कोई नहीं जानता. 

राजखोवा की साली भारती ने गुरुवार रात एक न्यूज चैनल को बताया था कि वह गुह्वाटी में असम पुलिस गेस्ट हाउस में उल्फा सुप्रीमो से मिली थी और बांग्ला में बात की थी. उल्फा अध्यक्ष राजखोवा ने कमांडर इन चीफ परेश बरुआ समेत चार अन्य लोगों के साथ 1979 में उल्फा की नींव डाली थी. राजखोवा का असली नाम राजीब राजकुंवर है और वह स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय उमाकांत राजकुंवर का पुत्र है. उसे 5 दिसंबर को गुह्वाटी कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उसे 12 दिनों की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया था. इस घटना के एक दिन बाद मेघालय में सीमा सुरक्षा बल के सामने राजखोवा की पत्नी कावेरी ने भी आत्म समर्पण कर दिया था.
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