| एशियाई लोग हैं भारतीयों के वशंज |
| शनिवार , , 12 दिसम्बर | |
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एक नए अध्ययन ने साबित किया है कि एशियाई देशों में रहने वाले लोग मूलत:
"भारतीय" हैं. कहने का तात्पर्य यह है कि चीन सहित एशिया में रहने वाले
सभी लोगों के पूर्वज भारतीय थे.
एक नए अध्ययन ने साबित किया है कि एशियाई देशों में रहने वाले लोग मूलत:
"भारतीय" हैं. कहने का तात्पर्य यह है कि चीन सहित एशिया में रहने वाले
सभी लोगों के पूर्वज भारतीय थे. वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के अनुसार भारत से लोग दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया की ओर फैले थे. इस लिहाज से भारत एशिया की आनुवांशिक विविधता के सूक्ष्म जगत (माइक्रोकोस्म) का प्रतिनधित्व करता है. इतिहास: वैज्ञानिकों का मत है कि एशिया महाद्विप में इंसान अफ्रीका से आए थे. अफ्रीका से ही लोग पूरी दुनिया में फैले थे. पहले यह माना जाता था कि अफ्रीका से कुछ लोगों का जत्था भारत की तरफ आया और कुछ लोग एशिया के अन्य देशों की तरफ गए. लेकिन अब यह व्याख्या गलत साबित हो रही है. नया अध्ययन बताता है कि एशिया के इन सभी देशों के पूर्वज अफ्रीका से एक ही दस्ते में सबसे पहले भारत आए थे और यहाँ से एशिया के बाकी के देशों में फैले. इस तरह से पूरी एशियाई आबादी अनुवांशिक रूप से जुड़ी हुई है और भारतीय लोग इनके पूर्वज हैं. यह अध्ययन ह्यूंमन जिनोम आर्गनाइजेशन [ह्यूंगो] के नेतृत्व में किया गया है जिसमें भारत सहित इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ताइवान और थाइलैंड जैसे देश शामिल हैं. अध्ययन के लिए 10 देशों के 89 वैज्ञानिको ने 1928 लोगों के जीन का विश्लेषण किया था. प्रभाव: यह साबित हो जाने के बाद कि भारतीय लोग एशिया की आबादी के पूर्वज थे अब आगे के वैज्ञानिक अध्ययन सरल हो गए हैं. अब भारत के लोगों पर दवाई का परीक्षण कर लिए जाने से यह माना जा सकेगा कि वह दवाई समूचे एशिया के लोगों पर कितना प्रभाव डालेगी.
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