इंटरनेट के सर्जक सर टिम बर्नर्स ली इंटरनेट पर फैल रही गलत जानकारियों से दुखी हैं.
यूरोपियन न्यूक्लियर रिसर्च एजेंसी यानि सर्न द्वारा किए जा रहे हेड्रोन टेस्ट के विषय मे बोलते हुए उन्होने कहा कि वे एल.एच.सी के चालू होने से पृथ्वी का विनाश होने की खबरें इंटरनेट पर फैलते देख दुखी हुए हैं.
वे इस बात से भी आहत हुए कि ब्रिटेन मे एमएमआर टीके के विरोध मे ऐसी बाते फैलाई जा रही है कि ये टीके बच्चों के लिए हानिकारक हैं.
बर्नर्स ने वर्ल्ड वाइड वेब फाउंडेशन बनाने मे सहायता की है. यह फाउंडेशन विभिन्न साइटों का निरिक्षण करेगा और प्रमाणपत्र देगा कि उस साइट मे कही जा रही बातें तथ्यात्मक और सही है या नहीं.
बर्नर्स ने कहा कि अब खबरें परोसने वाली साइटों पर नजर रखने की जरूरत है और एक नया सिस्टम भी बनाने की जरूरत है जो उनके द्वारा दी जा रही जानकारियों का विश्लेषण करे.
इंटरनेट जानकारियों का खजाना है और आज के आधुनिक युग मे इंटरनेट की व्यापक्ता और स्विकार्यता लगातार बढती जा रही है. विभिन्न जालस्थलों और ब्लॉगों द्वारा परोसी जा रही खबरों का असर व्यापक जनमानस पर पडता है, इसलिए यह जरूरी है कि वे खबरें सही हों और मात्र अफवाहें ना हों. साथ ही पाठकों के भी जागरूक होने की जरूरत है.