यह एक ऐसी कम्पनी ने है, जिससे उसके प्रतिद्वन्दी भी मंत्रमुग्ध रहते हैं. यह एक ऐसी कम्पनी है जहाँ काम करना लगभग सभी आई.टी. क्षेत्र के व्यक्ति का सपना है और जहाँ की कार्यशैली "मस्ती की पाठशाला" कही जाती है.
गूगल की स्थापना के 10 साल हो गए हैं, और मात्र एक दशक में ही गूगल ने सफलता की जिस सीढ़ी को चढा है, वह अपने आप में अविश्वसनीय सी बात लगती है.
गूगल ने एक दशक में मात्र एक सर्च इंजिन से आगे बढकर कई सारी सुविधाओं को लॉंच किया है और कई सारी सुविधाओं को खरीद कर नए स्वरूप मे पेश किया है. ब्लोगर, पिकासा, यूट्यूब, राइटली, गूगल अर्थ और मेप्स आदि इसका उदाहरण है.
इसके अलावा क्षेत्रीय और खासकर भारतीय भाषाओं मे अप्लिकेशन प्रदान करने के मामले में गूगल अपनी सभी प्रतिद्वंदी कम्पनियों से कहीं आगे रहा है.
गूगल के दस साल का संक्षिप्त ब्यौरा:
शुरूआती दिन -
1995:
लैरी पेज और सर्जई ब्रिन स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय मे मिले
1996:
पैज और ब्रिन ने एक सर्च इंजिन बैकरब पर काम शुरू किया, गूगल को स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के इंट्रानेट पर लॉंच किया गया.
कामयाबी की शुरूआत -
1998:
पेज और ब्रिन ने अपनी कम्पनी के लिए पैसा लगा सके ऐसे लोगों को खोज शुरू की. उन्होने अपने उत्पाद के लाइसेंस के लिए निवेशक को तलाशना शुरू किया. सन माइक्रोसिस्टम के एंडी मेचोसेम ने उन्हे 1 लाख अमरीकी डोलर का चैक दिया. दोनों मित्रों ने परिवार और मित्रों से उधार लेकर 7 सितम्बर 1998 को गूगल इनकोर्पोरेशन को रजिस्टर करवाया.
1999:
पालो अल्टो ने विश्वविद्यालय परिसर मे गूगल की ऑफिस खुली. 8 कर्मचारियों के साथ कम्पनी ने काम शुरू किया. एक वैंचर केपिटलिस्ट से 25 मिलियन अमरीकी डोलर मिले.
2000:
साल के अंत तक गूगल प्रतिदिन 10 करोड खोज कमांड प्राप्त करने लगा.
2001:
एरिक सेमिट गूगल के सीइओ बने.
2003:
कम्पनी ने अपना मुख्यालय माउंटेन व्यू मे स्थलांतरित किया.
2004:
1 अप्रेल को गूगल ने जीमेल को लॉंच किया. उसी साल गूगल ने बडी पुस्तकालयों के साथ गठबंधन कर किताबों का डिजिटलीकरण शुरू किया. गूगल का शेयर नेस्डेक मे लिस्टेड हुआ.
2005:
गूगल अर्थ और मेप्स की शुरूआत. गूगल टॉक भी लॉंच हुआ.
2006:
गूगल का चीन मे प्रवेश हुआ. युट्यूब का हस्तांतरण किया गया. गूगल दूनिया की दूसरी सबसे अधिक विजिट की जाने वाली साइट बनी.
2008:
गूगल ने अपना वेब ब्राउजर क्रोम लॉंच किया. यह गूगल का सबसे गोपनीय प्रोजेक्ट माना जाता है.