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एक पाकिस्तानी चिट्ठाकार के भारत समर्थित चिट्ठे ने मचाई धूम |
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इंटरनेट
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शुक्रवार , , 10 अक्टूबर |
20 वर्ष के आसपास की युवा पत्रकार मेहमल सरफराज़ के चिट्ठे ने पाकिस्तान मे चर्चाओं का दौर गर्म किया हुआ है. यह चिट्ठा भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की बात करता है और इसमें भारत समर्थित बाते लिखी हुई हैं.
मेहमल सरफराज पाकिस्तान के समाचार पत्र “द पोस्ट” में सहायक सम्पादक हैं, उन्होने 14 अगस्त 2005 से अपने चिट्ठे पर भारत आधारित बातें लिखनी शुरू की थी.
मेहमल ने एक साक्षात्कार में कहा कि, वे हमेशा से भारत से नफरत करती थी. क्योंकि बचपन से दूसरे बच्चों की तरह उन्हे भी यही सिखाया जाता था. लेकिन बाद में कुछ ऐसी घटनाएँ घटी जिन्होनें उनकी सोच को बदल कर रख दिया.
उन्होने आगे बताया कि, पाकिस्तान की इतिहास की किताबों में मात्र मुस्लिम स्वतंत्रता सैनानियों की बातें लिखी हुई होती हैं, और मौलाना आज़ाद जिन्होने आज़ादी के बाद भारत में रहना पसंद किया, को गद्दार तक कहा जाता है.
मेहमल की सोच ऑनलाइन सोश्यल नेटवर्किंग साइटों के माध्यम से भारतीय लोगों के सम्पर्क में आने से टूटी. बाद में उन्होने भारत का दौरा किया और इस देश को पहचाना.
वे कहती हैं, हमें गाँधीजी के जीवन से सीखना चाहिए. उन्होनें तो 78 साल उम्र में मुसलमानों को बचाने के लिए भूख हडताल की थी. लेकिन हम लोगों को तो यह पता ही नहीं था.
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