सोश्यल नेटवर्किंग संजालो का इंटरनेट पर बढ रहे प्रभुत्व से सभी बडी कम्पनियाँ चौकन्नी हो गई है. विज्ञापन और पहुँच के लिहाज से आज सोश्यल नेटवर्किंग संजालो से बेहतर कोई भी विकल्प नही है. जहाँ गूगल की ओर्कुट नाम सोश्यल नेटवर्किंग साइट भारत तथा ब्राज़ील मे अत्यधिक लोकप्रिय है, वहीं अमरीका और अन्य देशों मे फेशबुक की धूम है.
सभी सोश्यल नेटवर्किंग संजाल प्रतिदिन नए नए फीचर्स और नई नई सुविधाएँ लेकर हाज़िर हो जाती है, जिससे कि उनके प्रयोक्ता किसी अन्य सोश्यल नेटवर्किंग संजाल की तरफ आकर्षित ना हों. कुछ दिन पहले ही गूगल ने ओर्कुट को हिन्दी सहित अन्य कई भारतीय भाषाओं मे भी रूपांतरित कर एक बडी बढत हासिल कर ली थी. लेकिन यह भी सच है कि भारत के बाहर ओर्कुट का इतना प्रभुत्व नही है.
फेसबुक आज दुनिया की सबसे लोकप्रिय सोश्यल नेटवर्किंग संजाल है, और इसकी बहुत बडी वजह है इसकी 3rd Party Application बनाने देने की सुविधा. मसलन कोई भी व्यक्ति फेसबुक के लिए अप्लीकेशन बनाकर रख सकता है. आज इसी सुविधा की वजह से फेसबुक में इस तरह की अप्लीकेशन हजारों की संख्या में है और लाखों प्रयोक्ता उनका इस्तेमाल भी करते हैं. हमने कुछ दिन पहले भी एक लेख मे बताया था कि फेसबुक के अन्दर ही ओर्कुट की सर्फ़िंग करना एक 3rd Party Application की मदद से संभव है.
फेसबुक की इसी बढत को कम करने के लिए अब गूगल ने नया पैंतरा अजमाने की सोची है. खबरों के मुताबिक गूगल अन्य कई सोश्यल नेटवर्किंग संजालो के साथ एक समूह बनाने जा रहा है, जो अपनी अपनी सुविधाएँ एक दूसरे के बाँटेंगे, तथा प्रयोक्ता भी एक नए माहौल में सर्फ़िंग कर पाएंगे जहाँ उन्हें 3rd Party Application बनाने की भी सुविधा होगी. इस समय गूगल की इस पहल में Hi5.com, Friendster, Ning जैसी कईसोश्यल नेटवर्किंग संजाल शामिल हो रही है.
कुछ दिन पहले फेसबुक में 1.5% हिस्सेदारी खरिदने मे गूगल माइक्रोसोफ्ट से पिछड़ गई थी. उसके बाद गूगल ओर्कुट के भविष्य को लेकर और भी सचेत हो गई है. देखना है कि सोश्यल नेटवर्किंग संजालो की यह लड़ाई आगे क्या रूख लेती है. फिलहाल गूगल का अनुमान है कि साझा गठबंधन करने के बाद उनके प्रयोक्ताओं की संख्या 10 करोड से भी अधिक हो जाएगी जो फेसबुक के प्रयोक्ताओं से कही अधिक है.