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रवि-वार्ता
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सोमवार , , 09 जुलाई |
रवि-वार्ता - रवि रतलामी द्वारा |
एगो विज्ञापन छपा है अख़बार में. वो टॉइंग टाइप नहीं है भाई. वरना आजकल तो लोगन विज्ञापन का नाम सुनते ही बौरा जाते हैं. इ तो सरकारी विज्ञापन है. अब सरकारी विज्ञापन टॉइंग तो किसी एंगले से हो ही नहीं सकता है.
ये विज्ञापन है एक भारतीय सरकारी संस्था का. एक सीरियस टाइप सरकारी संस्था का. अब आप फेर कहेंगे कि क्या मजाक कर रहे हैं – सरकारी संस्था अऊर वो भी सीरियस टाइप? तो बुड़बक, सरकारी संस्था सीरियसे हो या न हो अपना नाम तो सीरियस रख सकता है कि नहीं? हाँ.
इस सरकारी संस्था का नाम है – सीरियस फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस.
इसका आप अर्थ किस तरह निकालेंगे? क्या यह फ़्रॉड को सीरियसली इनवेस्टीगेट करने वाला ऑफ़िस है या यह सीरियस फ़्रॉड को इनवेस्टीगेट करने का ऑफ़िस है? यदि यह पहले किस्म का ऑफ़िस है तब तो ठीक है. परंतु फिर क्या दूसरे, सारे सरकारी ऑफ़िस नॉन सीरियस किस्म के होते हैं जिनके नाम में सीरियस नहीं लिखा होता है? और यदि यह दूसरे किस्म का ऑफ़िस है – यानी सीरियस फ़्रॉड को इनवेस्टीगेट करने का ऑफ़िस है तो नॉन सीरियस और एक्स्ट्रा सीरियस किस्मों के फ़्रॉड को इनवेस्टीगेट करने वाले ऑफ़िस किदर को हैं? फिर सीरियस फ़्रॉड को सीरियसली इनवेस्टीगेट करने का सीरियस फ़्रॉड सीरियस इनवेस्टीगेशन सीरियस ऑफ़िस किदर को है?
मुझे मालूम है, आपके दिमाग में टॉइंग आइडिया आ गया है. नए नए सरकारी ऑफ़िसों के नाम सुझाने का. हमें भी मालूम है बबुआ, हमरा भी सिक्स्थ सेंस सीरियसे किसम का है. आप क्या क्या बोलोगे हम अभी बतावत हैं –
जनरल फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस
एवरीडे फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस
स्पेशियल फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस
सुपर स्पेशियल फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस
डैम सीरियस फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस
वीआईपी फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस
वीवीआईपी फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस
------ एड इनफ़िनिटम.
अब एतना सारा ऑफ़िस बनेगा तो राउला तो होगा ही. अभी भी कोई कम राउला मचता है क्या? कोई फ़्रॉड होगा अऊ जांच के लिए किसी फ़्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफ़िस के पास जाएगा तो उसका ऑफ़ीसर पहले तो ई जांच करेगा कि उसमें मलाई चाटने का कितना संभावना है. अगर संभावना निल होगा और वो फ़ोकटे का अपराध का आंकड़ा बढ़ाने का काम करेगा तो वो कट लेगा – जैसा कि इंडिया का आम पोलीस थाना करता है – ए-भिड़ु, ये क्राइम अपुन के एरिए का नहीं. वो उसे किसी उच्च सीरियस या किसी निम्न सीरियस फ़्रॉड ऑफिस को भेज देगा, और फिर ठीक यही काम फिर वो अगला वाला ऑफ़िस करेगा. और बॉल एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट में यूँ ही सीरियसली, डूबता उतराता रहेगा.
फेर एक बात तो तय हो रहेला है भिड़ु. अपना सरकार सच्ची में सीरियस हो रहेला है लगता है. अब तो लगता है सरकार भी सीरियस सरकार बनेगी किसी दिन फेर वहां होएगा – सीरियस लोक-सभा, सीरियस राज्य-सभा, सीरियस प्रधानमंत्री, सीरियस रेलमंत्री.
ई तो बहुतेई सीरियसे सीरियस गोठ हो गया. तो चलो ये सीरियस व्यंज़ल पाठ हो जाए. परंतु, फिर, पहले एक सवाल – क्या आपने इसे सीरियसली पढ़ा या नहीं? उत्तरे भी सीरियसली दीजिएगा जरा.
व्यंज़ल
मैं न कभी था न कभी रहूंगा सीरियस
रहूं न रहूं पर हमेशा दिखूंगा सीरियस
मेरी जुबान पर होंगी व्यंग्य की लकीरें
कलम उठाया तो फिर लिखूंगा सीरियस
क्यूं पहनता हूँ मैं विदूषकों के लिबास
जानता हूँ, इनमें ही मैं दिखूंगा सीरियस
जिया हूँ मैं जीवन को चाहे जिस तरह
मेरा ये वादा है लेकिन, मरूंगा सीरियस
चाहे जिस तरह किया हो मैंने इश्क रवि
हमेशा की तरह नफ़रतें करूंगा सीरियस
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