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कराची का ऐतिहासिक मंदिर अब ऑटो गैरेज है |
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विश्व दर्पण
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सोमवार , , 05 मई |
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहा भेदभाव और शोषण जगजाहिर है. कुछ समय पहले पाकिस्तान के पहले सिख ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था क्योंकि उसके साथी उसके साथ भद्दे मजाक करते थे. इसके अलावा पाकिस्तान के एकमात्र सिख सैनिक द्वारा त्यागपत्र देने की भी खबरे आई थी.
पाकिस्तान के कराची शहर में हिन्दूओं की एक बडी आबादी रहती है. ये वे लोग हैं जो बँटवारे के समय पाकिस्तान मे ही रह गए थे. लेकिन उसके बाद की उनकी जिंदगी हमेशा आशंकाओं और भेदभाव के बीच ही कट रही है.
कराची के रतन मुहल्ले में स्थित पौराणिक रतन ताल्हा मंदिर को एक निजी व्यवसायी ने अपने ऑटो गैरेज मे बदल दिया है. उसे वहाँ के वक्व बॉर्ड ने मंदिर की जगह पट्टे पर दी है. गौरतलब है कि रतन ताल्हा मंदिर ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है और यह पौराणिक मंदिर वास्तुकला के हिसाब से अतुलनीय है.
अब अब्दुल कय्यूम नामक व्यक्ति ने इस जगह का नियंत्रण अपने हाथ मे ले लिया है, और मंदिर के गर्भगृह में उसने मुख्य गोदाम बनाया है. इसके अलावा अब इस मंदिर मे गाडियों की सफाई और डम्पिंग की जाती है.
रतन ताल्हा मंदिर की हुई दुर्दशा से स्थानीय हिन्दू दुखी हैं. हिन्दूओं के एक संगठन सिन्ध हिन्दू कौंसिल ने वहाँ के वक्व बॉर्ड से इसकी शिकायत भी कि लेकिन अभी तक उनको कोई जवाब नही मिला है. पाकिस्तान के अखबार द डेली न्यूज़ के अनुसार वक्व बॉर्ड ने मंदिर परिसर की 14 दुकानों को बेच दिया है और मंदिर के मुख्य परिसर को गैरेज मे बदल दिया है.
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