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अद्भूत और अनोखी सामाजिक मान्यताएँ |
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धर्म एवं मान्यताएँ
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गुरुवार , , 22 नवम्बर |
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तरकश ब्यूरो |
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मनुष्य एक सामाजिक प्राणि है और समाज के
अनेकों रीति रिवाज़ों से बंधा हुआ है. अलग अलग धर्म एवं मान्यताओं मे
मानने वाले लोग कई तरह के रिवाज़ों का पालन करते हैं. इनमें से कई रिवाज
विचित्र माने जा सकते हैं.
हिन्दू मान्यताओं मे काली चौदस के होने वाले हवन तथा शिया समुदाय द्वारा
हुसैन की शहादत की याद में खुद को घायल करने का रिवाज विचित्र माने जा
सकते हैं. परंतु इन रिवाज़ों के साथ गहरी धार्मिक मान्यताएँ और भावनाएँ
जुडी हुई है.
इस तरह से दूनिया के अन्य कई क्षैत्रों मे इस प्रकार के अनेक विचित्र
रिवाज देखे जाते हैं. इनमे से सबसे प्रसिद्ध रिवाज हैलोविन का माना जा
सकता है. कद्दु को काटकर उसके अंदर मोमबत्ती रखकर भयानक चेहरे बनाए जाते
हैं.
मैक्सिकों मे इस समय एक और विचित्र त्यौहार मनाया जाता है. इस समय लोग
सांता म्युर्ते नामक देवी को प्रसन्न करने के लिए तरह तरह के प्रयत्न करते
नजर आते हैं. आश्चर्य की बात यह है कि यह देवी एक हाडपींजर है, जिसके
लम्बे लम्बे बाल भी होते हैं. माना जाता है कि मैक्सिको में इस देवी के
बीस लाख से अधिक भक्त हैं. और देवी को प्रसन्न करने और मान्यता मांगने के
लिए धुएँ का प्रसाद चढाया जाता है.
इंग्लैंड डेवोन प्रांत के ओट्टेरी सेंट मेरी गाँव एक विचित्र त्यौहार
मनाया जाता है. इस समय आप वहाँ जाएँ तो लोगों को धधकता हुए अलकतरे से भरे
कनस्तर को उठाकर दौडते हुए देख सकते हैं. इस गाँव इस प्रकार की विचित्र
प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. इस भाग लेने की शर्त यह है कि
प्रतियोगी का जन्म उसी गाँव मे हुआ होना चाहिए. माना जाता है कि इस
प्रतियोगिता की शुरूआत सत्रहवीं शताब्दी मे हुई थी. जो स्पर्धक कनस्तर का
धधकना खत्म होने तक दौडता रहता है वह विजेता घोषित होता है.
स्पेन के वेलवर्दॆ दे ला वेरा गाँव के लोग एक और विचित्र परम्परा लॉस एम्पेलाडोस को अपनाए हुए हैं.
यह परंपरा बरसों पुरानी है और भयावह है. 18 शताब्दी मे चार्ल्स 3 ने इस
परंपरा पर रोक लगा दी थी. लेकिन आज भी इस गाँव के लोग इस परंपरा को अपनाए
हुए हैं. इस परंपरा के अनुसार गाँव के कुछ लोग रात को लॉस एम्पलाडोस बनकर
निकलते हैं. उनके हाथों मे लालटेन होता है. उन्हे रस्सीयों से जकडा हुआ
होता है और पीठ पर दो तलवारें चुभाई हुई होती है. उनके माथे पर काँटो भरा
ताज होता है.
दुनिया मे इस तरह की और भी कई विचित्र परम्पराएँ निभाई जा रही हैं. ऐसे
आयोजनों मे कई लोगों की जान भी जाती है. परंतु इन मान्यताओं को धार्मिक
भावनाओं के साथ जोड दिए जाने से इन पर पुरी तरह से प्रतिबंध लगा पाना
मुश्किल हो जाता है. |
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| सांता म्युर्ते नामक देवी को प्रसन्न करने के लिए लोग धुँए का चढावा चढाते हैं! |
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