तीन बदलाव, जिससे मैं आश्चर्यचकित हुआ

पिछले दो दिन में मुझे 3 ऐसे अनुभव हुए जिससे पता चला कि भारत वाकई में बदल रहा है. पता नहीं चलता परन्तु कितना कुछ बदल गया है और बदलाव का यह दौर जारी है.

पहला अनुभव:

अपने पीहर जाने के एक दिन पहले मेरी पत्नी के मोबाइल का सिमकार्ड खराब हो गया. मैं ऑपरेटर की दुकान गया तो पता चला उनके पास फिलहाल “ब्लेंक सिम” नहीं है, दो दिन बाद आएगा. अब क्या किया जाए? मैने सोचा छोड़ो नया सिम ही ले लेते हैं. मैने 150 रूपए चुकाकर 30 सेकंड में एक नया नम्बर एक्टिवेट किया वह भी आजीवन बिना मासिक किराए वाला.

याद है मुझे कि जब छोटा था तब सुनता था कि फोन का कनेक्शन कितना “कीमती” होता है. मुझे पता चला कि मेरे मामाजी को अपनी दुकान में एस.टी.डी सुविधा हासिल करने के लिए डीओटी से झूठ बोलना पडा था कि “मेरी माँ गाँव में बीमार है”. नहीं तो “समाजवादी” बाबु पूछते थे - तुम्हें एसटीडी लेकर क्या करना है? या फिर सबसे बढिया सवाल - “फोन क्यों चाहिए?”

दूसरा अनुभव:

मेरे घर से एयरपोर्ट 17 किमी होता है और मैं नवनिर्मित “जनमार्ग” से गया. रास्ता नया नहीं पर “रीब्रांडिंग” हुई है और कई फ्लाइऑवर बन गए हैं. तो मैं एयरपोर्ट पहुँचा 17 मिनट में, वह भी बिना कहीं रूके, एक समान गति से!

सोच सकते हैं, किसी महानगर के ठीक बीच में से गुजरते हुए 17 किलोमीटर गाडी चलाना, बिना थके, बिना रूके. हो सकता है!

तीसरा अनुभव:

मेरी पत्नी घभरा रही थी कि दो सूटकेस और एक “आतंकवादी” [1.5 साल का पुत्र] के साथ वह कैसे “मैनेज” करेगी. पर उसके आश्चर्य के बीच एक निजी एयरलाइन के कर्मचारियों ने उसकी अपेक्षा से अधिक मदद की. उन्होने ना केवल विशेष ध्यान रखा बल्कि मेरी पत्नी से कहा कि आप सिर्फ अपने बेटे को देखें बाकी सब हम कर देंगे.

मुझे कोई 22-23 साल पहले का वह दिन याद है जब मैं पहली बार हवाईजहाज मे बैठा था. तब निजी हवाई जहाज नही थे और इंडियन एयरलाइंस मतलब उडान ऐसा होता था. मैं परिवार के साथ था और मेरे हाथ मे दो बॉर्डिंग पास थे. इससे नाराज होकर एक कर्मचारी ने मुझे थप्पड दिखाया था [शायद इसलिए भी मुझे वह घटना आज भी याद है].

बदलाव तो आया ही है…

समाज

सेक्स बिकता है, इसलिए कुछ भी छापो

इस खबर की चर्चा इंटरनेट पर जोरों पर है. और होने की वजह भी है क्योंकि खबर “सेक्स टेप” से संबधित है और “सेक्स” हो ऐसी खबर चर्चास्पद बनती है.

मिड डे नामक टेब्लोइड के हाथ एक धमाकेदार खबर लगी और अब उस खबर को इंटरनेट पर चहुँ ओर वितरित पाया जा सकता है. खबर है एक एमटीवी रोडिज़ प्रतियोगी की, जिसके जैसी लगने वाली लडकी का सेक्स टेप इंटरनेट पर मौजूद है. शब्द पर ध्यान दें - उसके जैसे लगने वाली! वह खूद है कि नहीं पता नहीं. पर उसका फोटो और नाम सब छप गया.

क्या इससे उस लडकी की प्रतिष्ठा पर आँच नहीं आई होगी! आई होगी, लेकिन अभी तक उस लडकी ने कोई आपत्ति भी नहीं उठाई है [जहाँ तक मुझे पता लगा].

बात चाहे जो भी हो, पर मुझे लगता है कि भारतीय मीडिया भी अब व्यक्ति की स्वतंत्रता से खेलने लग गया है. कभी कोई कसाब के खिलाफ गवाही देने वाली छोटी सी बच्ची का नाम / फोटो सब छाप देता है तो कभी यह! सबकुछ सस्ती लोकप्रियता के लिए!

वैसे लोगों का एक दूसरा समूह भी है जो यह कहता है कि लाइमलाइट मे रहने के लिए और सेलेब्रिटी बनने के लिए लोग हर तरह के हथकंडे अपनाते है और यह भी उनमे से एक है.

क्या कहा जाए!

[वैसे  हमने भी खबर छापी थी, पर लडकी का नाम व फोटो नहीं छापा]

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नरेन्द्र मोदी के ट्विटर पन्ने पर हिन्दी ट्विट!

moditwitterकुछ देर पहले मैं नरेन्द्र मोदी के ट्विटर पन्ने पर गया तो देखा कि अब वहाँ हिन्दी में भी ट्विट शुरू की गई है.

यह निश्चय ही एक स्वागत योग्य कदम है. मैरे विचार से मोदी एक मात्र ऐसे मुख्यमंत्री / नेता हैं जिनका ट्विटर पन्ना है और वहाँ हिन्दी में भी ट्विट किए जाते हैं.

इससे पहले नरेन्द्र मोदी की हिन्दी तथा संस्कृत वेबसाइटों की शुरूआत भी हो चुकी है.

लोगों तक पहुँच बनाने के लिए तकनीक का सहारा कैसे लिया जा सकता है, यह पन्ना इस बात को साबित करता है.

उम्मीद है कि यहाँ हिन्दी में और भी ट्विट देखने को मिलेगी और अन्य भारतीय भाषाओं मे भी.

राजनिति , , ,

पूरब तो अच्छा है पर पश्चिम क्यों बुरा है?

एक जानपहचान वाले व्यक्ति की दो बेटियों ने सात वर्ष की मेहनत के बाद कत्थक नृत्य में स्नातक [सही शब्द भूल गया, लेकिन मतलब यही होता है]की उपाधि प्राप्त की. प्रसन्न अभिभावकों ने नृत्य समारोह रखा तो सपरिवार वहाँ जाना हुआ.

कार्यक्रम के बाद कोई बड़ी नृत्यांगना खड़ी हुई अपना भाषण पढने. उन्होनें भाषण की शुरूआत बच्चियों की तारीफ से की और फिर मुद्दे पर आ गई.

उन्होने कहा - “कितनी खुशी की बात है कि आज जब पश्चिमी जगत का जहर हमारी संस्कृति में फैल रहा है तो किसीने अपनी कला को जीवित रखा है और उसका महत्व पहचाना है.”

बस यही बात मुझे कभी पसंद नहीं आई. आपकी संस्कृति अच्छी और उनकी बुरी! क्यों भाई? आपका नृत्य महान और उनका डांस जहर! यह क्या बात हुई.

आप महान हो तो रहो, लेकिन दुसरों की बुराई क्यों शुरू कर देते हो. और यह कोई नही बात नही है. मैने कितने ही संस्कृति के ठेकेदार देखे है जिनकी बात की शुरूआत ही पश्चिमी सभ्यता के जहर से होती है. मानो हमारी संस्कृति में कोई बुराई है ही नहीं!

भ्रुण हत्या हम करते हैं, दहेज प्रताडना हम करते हैं, बहु बेटियाँ हम जलाते हैं, देवदासी हम रखते हैं, चुड़ेल बनाकर नंगा हम घुमवाते हैं, दलितों को मंदिर जाने से हम रोकते हैं फिर भी अपनी संस्कृति तो महान है!

होगी. पर दुसरों की तरफ उंगली एक उठेगी चार तो हमारी ओर ही रहेगी.

समाज

जिद्द करो लेख उड़ाओ

आज सुबह भास्कर.काम पर एक लेख देखकर [हाइलाइट किया हुआ था] मुझे काफी अचरज हुआ, क्योंकि वह लेख ज्यों का त्यों [लगभग] तरकश.काम पर पहले ही छप चुका है [वास्तविक].

यह काम छुटभैये ब्लागर और “चिल्लर” हिन्दी की समाचार साइटें तो पहले से करती आई है पर भास्कर का ऐसा करना दुखद भी है और आश्चर्यजनक भी.

ये कडियाँ देखिए :

तरकश का लेख:प्रकाशन तिथि : 30 मई 2009

भास्कर का लेख : प्रकाशन तिथि : 31 मई 2009

मैं यह तो मानता हूँ कि “सेक्स” और अन्य कई विषय जैसे कि तकनीक, विज्ञान और समाचार ऐसे होते हैं जिनमें विषय वस्तु समान ही होती है, परंतु कम से कम शब्द तो खुद के हों. यहाँ तो शब्द दर शब्द पूरा ही कॉपी कर लिया गया.

जिद्द करो…

तरकश , , , ,

ल्लो यह रही मेरी सरकार!

असली पिटारा तो शनिवार 16 मई 2009 को खुलेगा. लेकिन मुझसे इंतजार नहीं होता. इसलिए मैने तो अपनी मिलीजुली सरकार बना ली है.

यह रही मेरी एवरग्रीन सरकार. यह देश का पूरा भला करेगी. आपके सुझाव भी आमंत्रित हैं.

  • प्रधानमंत्री : श्री रामदास आठवले
  • गृहमंत्री: ए. आर. अंतुले [वाया राज्य सभा]
  • विदेश मंत्री: शिवराज पाटिल [वाया राज्य सभा]
  • वित्त मंत्री: अमर सिंह [वाया राज्य सभा]
  • सामाजिक समरसता मंत्री: श्री वरूण गांधी [नया मंत्रालय]
  • महिला एवं बाल कल्याण मंत्री: सुश्री ममता बेनर्जी
  • खेल मंत्री : मायावती
  • मानव संसाधन विकास मंत्री : श्री जगदीश टाइटलर  [वाया राज्य सभा]
  • पशु कल्याण मंत्री: श्री लालु प्रसाद यादव 
  • अल्प संख्यक मामलों के मंत्री: श्री आज़म खान [वाया राज्य सभा]
  • रक्षा मंत्री : अर्जुन सिंह
  • नागरिक उड्डयन मंत्री: श्री राहुल गांधी [भारत दर्शन फेइम]
  • अमेरिकी मामलों के मंत्री: श्री सिताराम येचुरी [वाया राज्य सभा]

कोरी बकवास ,

84 भूल जाते हैं, लेकिन 2002!

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कल लुधियाना में एक बात कही. उन्होने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगे एक दुखद हादसा है लेकिन इसे हमेशा जीवित नहीं रखा जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री के शब्दों में : “लेकिन कुछ लोग अपनी दुकान चलाने के लिए इस किस्से को हमेशा जिंदा रखना चाहते हैं. इससे ना देश को फायदा है ना सिख कम्यूनिटी को.“

प्रधानमंत्री के भाषण लेखक ने सही बात लिखी है. इस तरह के हादसों को अब भूल कर आगे बढना ही समझदारी है.

लेकिन प्रधानमंत्रीजी मैं आप से पूछना चाहता हूँ कि यह बाद गुजरात के दंगों पर क्यों लागू नहीं होती? आपकी पार्टी और आपके ‘शर्मनिरपेक्ष’ साथी क्यों नहीं कहते कि : “लेकिन कुछ लोग अपनी दुकान चलाने के लिए गुजरात दंगों को हमेशा जिंदा रखना चाहते हैं, इससे ना देश को फायदा है ना….”

आप नहीं कहेंगे, आपकी पार्टी नहीं कहेगी और ना ही आपके शर्मनिरपेक्ष साथी कहेंगे. यह वोटबैंक की बात है!

राजनिति , , , , , ,

नए जोश के साथ!

joshlogo
काफी लम्बे समय के बाद और काफी मत्थापच्ची के बाद भी…

तरकश न्यूज़ नेटवर्क की युवाओं के लिए “टेब्लोइट” अंग्रेजी साइट “जोश!” अब एक नए रूप में प्रस्तुत है. तरकश जोश! की तकनीक को सुधारा गया है तथा खबरों का “फ्लेवर” भी बदला है.

इसमें सेलेब्रिटी गोसिप, फिल्मी मसालों, सैक्स संबंधिंत लेखों, फोटो स्लाइडशो से लेकर तकनीक और गैजेट तक वह सब कुछ है जो “टाइमपास” के लिए चाहिए!

इसके अलावा फोरम और कम्यूनिटी के नए आधुनिक संस्करण जोड़े जा रहे हैं.

एक बार जरूर देखें हमारे - आपके नए “जोश!” को.

तरकश ,

बुरा सपना या सच!

कल रात हड़बड़ा कर जाग गया था. कुछ देर सोचता रहा कि क्या हुआ है! कुछ क्षणों के बाद जब नींद से पूरी तरह से बाहर आया तो पाया कि रात अभी गहराई हुई ही है, और सब सो रहे हैं. मैने एक सपना देखा था, और वह सपना पूरा होता उससे पहले जाग गया.

लेकिन इसके बाद मुझे अजीब सा अनुभव होने लगा और मैं बैचेन आत्मा की तरह घूमने लगा और अंत में बरामदे जाकर खड़ा हो गया. करीब घंटे भर बाद फिर से पलंग पर लौटा और लैटते समय अपने मन को दो भागों में विभक्त पाया.

एक कह रहा था – इतनी सी बात और इतनी परेशानी? दूसरा कह रहा था – बाप रे क्या ऐसा होगा?
अंत मे मैने ही निर्णय लिया – नहीं यह मात्र एक सपना था, हकीकत नहीं. ऐसा कभी नहीं होगा.
वह सपना यह था – मायावती देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रही हैं!

ऐसा कभी नहीं हो सकता? क्या वाकई? जब इन्द्रकुमार गुजराल देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो मायावती क्यों नहीं. बहनजी को तो 1 या 2 प्रतिशत वोट भी मिलेंगे, गुजराल तो ना लोकसभा में थे ना राज्यसभा में.

और  फिर जब देश की 55% आबादी वोट ही नहीं डाल रही तो गम कैसा? जब 26/11 के बाद भी मुम्बई सोई है तो मैं क्यों जाग रहा हूँ? अपनी ऊंगली पर लगे काले निशान को देखता हूँ… फिर सो जाता हूँ.

राजनिति , , , , ,

अमितबाबु यह रही मेरी लिस्ट

अमित बाबु ने जो लिस्टिंग का “महान कार्य” शुरू किया है :) उसको आगे बढाना हम सब का धर्म है. तो मैं भी सूचि चिपका रहा हूँ. फालतु समय हो तो आप भी कर लेवें.

[बाय द वे - उंगली पर काली रेखा खींचा या हूँ - आप भी देर ना करें.... कहीं देर ना हो जाए!]

  1. अपना ब्लॉग आरंभ किया
  2. तारों की छांव में नींद ली
  3. संगीत बैन्ड में कोई वाद्य यंत्र बजाया
  4. अमेरिका के हवाई द्वीपों की सैर करी
  5. उल्का वर्षा देखी
  6. औकात से अधिक दान दिया
  7. डिज़नीलैन्ड की सैर करी
  8. पर्वत पर चढ़ाई करी
  9. प्रेयिंग मैन्टिस (praying mantis) कीड़े को हाथ में पकड़ा << अम्मा यह होता क्या है?
  10. सोलो गाना गाया
  11. बंजी जंप करी
  12. पैरिस गए
  13. समुद्र में बिजली का तूफ़ान देखा
  14. कोई कला शुरुआत से अपने आप सीखी
  15. किसी बच्चे को गोद (adopt) लिया
  16. फूड प्वॉयज़निंग झेली
  17. कुतुब मीनार को देखा
  18. अपने लिए सब्ज़ी उगाई
  19. फ्रांस में मोनालिसा देखी
  20. रात के सफ़र में ट्रेन में नींद ली
  21. तकिए द्वारा लड़ाई की
  22. सड़क पर किसी अंजान व्यक्ति से लिफ़्ट ली
  23. स्वस्थ होते हुए भी ऑफिस से बीमारी के लिए छुट्टी ली
  24. बर्फ़ का किला बनाया
  25. मेमने को गोद में उठाया
  26. बिना किसी वस्त्र के नग्न ही पानी में उतरे (तरण ताल, नदी, तालाब, समुद्र अथवा बाथ टब इत्यादि में)
  27. मैराथन रेस में दौड़ लगाई
  28. वेनिस में गोन्डोला (एक तरह की नाव) में सवारी करी
  29. पूर्ण ग्रहण देखा
  30. सूर्योदय अथवा सूर्यास्त देखा
  31. होम रन मारा (बेसबॉल में)
  32. समुद्र पर्यटन (cruise) पर गए
  33. नियाग्रा फॉल्स स्वयं देखा
  34. पूर्वजों की जन्मभूमि देखने गए
  35. किसी कबीले के रहन सहन को नज़दीक से देखा
  36. अपने आप एक नई भाषा स्वयं सीखी
  37. इतना धन अर्जित किया कि पूर्णतया संतुष्ट हुए
  38. पिसा की झुकती मीनार (Leaning Tower) देखी
  39. रॉक क्लाइम्बिंग करी
  40. माइकलेन्जलो द्वारा कृत पुरातन इज़राइल के राजा डेविड की मूरत देखी
  41. कैरीओकी (karaoke) गाया
  42. वायोमिंग के येलोस्टोन नेशनल पार्क में मौजूद ओल्ड फेथफुल गीज़र को भभक कर उठते देखा
  43. किसी अंजान को रेस्तरां में खाना खिलाया
  44. अफ़्रीका गए
  45. चांदनी रात में समुद्र तट पर सैर करी
  46. एम्बुलेन्स में ले जाया गया
  47. अपनी तस्वीर बनवाई (फोटो नहीं)
  48. गहरे समुद्र में मछली पकड़ने गए
  49. वैटिकन में सिस्टीन चेपल देखा
  50. पैरिस में ऐफिल टॉवर के शीर्ष से नज़ारा किया
  51. स्कूबा डाईविंग अथवा स्नॉर्कलिंग करी
  52. बरसात में चुंबन लिया/दिया
  53. मिट्टी में खेले
  54. ड्राईव-इन सिनेमा देखा
  55. किसी फिल्म में नज़र आए
  56. चीन की बड़ी दीवार देखी
  57. अपना व्यवसाय आरंभ किया
  58. मार्शल आर्ट की क्लास में भाग लिया
  59. रूस गए
  60. लंगर/भंडारे में लोगों को खाना परोसा
  61. ब्वॉय स्कॉऊट पॉपकार्न अथवा गर्ल स्कॉऊट कुकीज़ बेची
  62. समुद्र में व्हेल देखने गए
  63. खामखा बिना वजह किसी ने फूल दिए
  64. रक्त दान किया
  65. स्काई डाईविंग करी
  66. नाज़ी कॉन्सनट्रेशन कैम्प देखा
  67. खुद का दिया बैंक चैक बाऊंस हुआ
  68. हैलीकॉप्टर में सवारी करी
  69. बचपन के किसी मनपसंद खिलौने को बचा के रखा
  70. राज घाट पर गांधी समाधि देखी
  71. कैवियार (मछली के अंडों का अचार) खाया
  72. रजाई का कवर सिला
  73. चांदनी चौक गए
  74. घने जंगल में सैर की
  75. नौकरी से निकाले गए
  76. लंदन के बकिंघम महल में पहरेदारों की बदली देखी
  77. हड्डी टूटी
  78. तेज़ रफ़्तार मोटरसाइकल की सवारी करी
  79. अमेरिका में ग्रैन्ड कैनयन देखी
  80. अपनी किताब छपवाई
  81. वैटिकन गए
  82. नई नवेली गाड़ी खरीदी
  83. जेरूसलम की सैर करी
  84. अखबार में फोटो छपी
  85. नव वर्ष की पूर्व संध्या की मध्यरात्रि किसी अंजान का चुंबन लिया
  86. राष्ट्रपति भवन की सैर करी
  87. किसी जानवर का शिकार कर खाया
  88. चिकन पॉक्स झेला
  89. किसी की जान बचाई
  90. जज अथवा जूरी बन निर्णय सुनाया (किसी प्रतियोगिता में या न्यायालय में)
  91. किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मुलाकात करी
  92. बुक क्लब की सदस्यता ली
  93. किसी अज़ीज़ को खोया
  94. शिशु को जन्म दिया
  95. जॉन वेन की फिल्म “द अलामो” देखी
  96. अमेरिका के ग्रेट सॉल्ट लेक में तैराकी करी
  97. किसी कानूनी मुकदमे में शरीक हुए/रहे
  98. सेल फोन के मालिक हैं/रहे
  99. मधुमक्खी ने डंक मारा

कोरी बकवास , ,