“बोरोप्लस” निकली “वोलिनी”
कल रात में थोडी देर से शयनकक्ष में गया. मूहँ धोया, फिर अंधेरे में ही क्रीम टटोलने लगा. मेरे हाथ में ट्यूब आई. मैनें समझा बोरोप्लस है…
हथेली पर अच्छी तरह से मल कर चेहरे पर पोत ली और हाय रे… वह तो दर्दनिवारक “वोलिनी” मलम निकली. आँखे जल गई, होठ तिलमिला गए. मेरी हालत मत पूछो!
[माइक्रोपोस्ट मेरे ट्विटर चक चक से]
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wakayi maan gaya aap ke subject selection ko
hahahahahahah ……
सहानुभूति है, पर भैया क्या आपको ज़ुकाम भी हो गया है जो नासिका बंद रही और सुगंध भी नहीं पहचान पाए
@Saiyed Faiz Hasnain, Mahfooz;
@cmpershad,
सही फरमाया.
धन्य हैं आप!!
आपके लिए मेरे पास हमेशा शब्द कम पड़ जाते हैं..
अच्छा हुआ टूथ पेस्ट की जगह नहीं इस्तेमाल किया..