अहमदाबाद जनमार्ग - पहली झलक

अहमदाबाद के बस द्रुत परिवहन व्यवस्था [BRT] जिसे कि “जनमार्ग” नाम दिया गया है, उसका विधिवत शुभारंभ शायद कल से हो रहा है. शायद इसलिए क्योंकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई. लेकिन ट्रायल रन चालू है और मैं सफर कर भी चुका हूँ.

अहमदाबाद जनमार्ग देश में कार्यरत हुई तीसरी बीआरटी व्यवस्था है. इससे पहले पूणे और दिल्ली में यह शुरू हो चुकी है. लेकिन जनमार्ग इसलिए अलग है क्योंकि विशेषज्ञ इसे भारत में बन चुके, और बन रहे बीआरटी सिस्टम में सबसे बेहतर मान रहे हैं. इन विशेषज्ञों में केन्द्र के शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं.


[ट्रैक पर दौड़ती बस]

बेहतर माने जाने की कुछ वजहें हैं. मुख्य वजह है वह जो दिल्ली और पूणे में नहीं चली. यानी कि बाकी के ट्राफिक का नियंत्रण. दिल्ली में तो बस और आम वाहनों के कॉरीडोर को अलग करने की भी ढंग की व्यवस्था नहीं है. लेकिन जनमार्ग में ऐसा नही है [जैसा कि उपरोक्त चित्र दर्शाता है] यानी कि कोई सामान्य वाहन बस के ट्रेक में घुस नहीं सकता.

दूसरा यह कि बाकी के वाहनों के लिए लगभग पूरे मार्ग पर दोनों तरफ 3-3 लेन छोडी गई है जो कि पर्याप्त लगती है. मैने एक पिछली पोस्ट में लिखा था कि मैं इसी मार्ग से 17 किलोमीटर मात्र 17 मिनट में पहुँचा था.

[आम वाहनों के लिए दोहरे फ्लाइओवर]

चौराहों पर वाहनव्यवस्था सुचारू रखने के लिए दोहरे फ्लाइओवर बनाए गए ताकी बीच में से बस निकल सके, और आम वाहन चालकों को भी परेशानी ना हो.

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[चौराहों पर फ्लाइओवर के खम्भे नहीं है, जिससे अड़चन ना हो]

इसके अलावा अन्य कई सुविधाएँ भी हैं. जैसे कि दिल्ली मेट्रो की तरह स्मार्ट कार्ड और टिकट चिपकाने पर खुलने वाले द्वार. इसके अलावा बस स्टेंड के द्वारा तभी खुलेंगे जब बस का द्वार उसके सामने आ जाएगा [दिल्ली और पूणे में खुले स्टैंड हैं]

[निर्माणाधीन बस स्टैंड]

परियोजना फिलहाल करीब 8 महीना देरी से चल रही है. पूरी व्यवस्था करीब 155 किलोमीटर की होगी.

लेकिन ऐसा नहीं है कि ट्राफिक की समस्या होगी ही नहीं! कुछ चौराहों पर दिक्कतें हैं.

और इसलिए मैं अभी भी मानता हूँ कि बीआरटी मेट्रो जितना श्रेष्ठ विकल्प नहीं है. लेकिन यह काफी सस्ता पड़ता है. बीआरटी का खर्च मेट्रो से 10 गुना कम होता है. इसलिए इसे किसी भी शहर में तैयार किया जा सकता है.

अहमदाबाद की मेट्रो परियोजना के चालू हो जाने के बाद आम लोगों को और भी अधिक सुविधा मिलेगी.

[छवियाँ मित्र अभिजीत चक्रबर्ती ने खिंची हैं]

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10 Responses to “अहमदाबाद जनमार्ग - पहली झलक”

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