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1857 के गदर को फिल्माने की तैयारी पुरी |
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सिनेमा
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द्वारा/by : मुवी मेम
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मंगलवार , , 29 जनवरी |
भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के रूप में पहचान बना चुके 1857 के सैनिक विद्रोह को अब फिल्म का रूप देने की तैयारी पुरी हो चुकी है. करीब दो साल पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक समिति ने जानेमाने फिल्म निर्माता निर्देशकों से फिल्म के लिए पटकथा मँगवाई थी.
उस समय अपर्णा सेन, केतन मेहता, एम.एस. सात्यु, सुधीर मिश्रा और अनुराग कश्यप जैसे मँजे हुए निर्देशकों ने अपनी अपनी पटकथा भेजी थी. लेकिन जिस व्यक्ति की पटकथा को सबसे अधिक पसंद किया गया वे हैं पुरस्कार विजेता कहानी गोडमदर (1999) के लेखक विनय शुक्ला.
विनय शुक्ला की पटकथा 1857 के गदर के तीन मुख्य पात्रों तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई और पेशवा नानासाहेब के आसपास घूमती है. पुरी कहानी तात्या टोपे की जबानी व्यक्त की गई है. इसमे तात्या बताएँगे कि कैसे रानी लक्ष्मीबाई और नानासाहेब से उनके रिश्ते दोस्ती से अलगाव की ओर गए.
फिल्म के प्रि प्रोडक्शन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है चार महिनों मे फिल्म की शूटिंग शुरू हो जाएगी. फिल्म मे मुख्य रोल निभाने के लिए बॉलीवुड के शीर्ष के अभिनेताओं से सम्पर्क साधा जा रहा है. फिल्म का निर्माण राष्ट्रीय फिल्म विकास बॉर्ड और फिरोज़ नडियादवाला कर रहे हैं.
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