| हास्य कवियों को लगा अनोखा रोग |
| सागर धारा | |
| मंगलवार , , 15 मई | |
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टिप्पणियाँ
(11)
कहे भाई नाहर जी काहे पंगे ले रहे हो अपने समीर भाई सा को सुन लेते हम भी आ जाते यही कर लिया करो ना हास्य मुकाबला
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सागर जी,
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आपने बढ़िया रिपोर्ट पेश की है। वैसे आजकल के हास्य कवियों का यही हाल है। एक हैं सुनील जोगी, मैं उन्हें बहुत बड़ा हास्य कवि मान बैठा था, मगर मैंने जब कई जगह देखा तो पाया कि वो हर जगह अपनी वही रचनाएँ सुनाते हैं। बहुत बुरी दशा है। अब लगता है कि हम अंतरजालीय कवियों को ही कुछ करना पड़ेगा। report abuse
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अब यही देखने जाना था तो मुझे बुल लिया होता। कम से कम इतना बोर तो नही होते....
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सागर भाई
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अब कवि सम्मेलन ने आपको जितना भी पकाया हो, हम तो उनके आभारी हैं कि उनकी रिपोर्टिंग करने के बहाने ही सही, आप वापस लिख रहे हैं और हम आपको पढ़ रहे हैं. बेहतरीन रिपोर्टिंग रही-एक दम सच सच!! अब आप लगातार लिखते रहें. शुभकामना. अरुण की बात वैसे गौर तलब है. report abuse
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ये उदारीकरण का असर है सागर भैये. अब ये कवि गुदगुदाते नज़र नहीं आते. आपका सेंस ऑफ़् ह्यूमर या तो ऊंचा हो गया है या फिर इन कवियों ने अपने को मेक ओवर नहीं किया है. ख़ुशफ़हमी पाल ही लें.. कुछ दिन बाद आप चिट्ठाजगत के कवियों से भी ऊब जाएंगे. बिना पढ़े टीपियाएंगे.. वाह सुंदर रचना.. संवेदनशील.. अल्टीमेट.. (कापी मारो पेस्ट मारो) वाह यह लाइन तो ख़ूब है.
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मान्यवर आप कविता न अपनी पढ़ें वरना श्रोता हर इक बोर हो जायेगा आप ज़िद पर अगर अपनी अड़ ही गये दर्द सर का, सुनें , और बढ़ जायेगा आपने जिसको कह कर सुनाया गज़ल वो हमें आपकी लंतरानी लगी और जिसको कहा आपने नज़्म है वो किसी सरफ़िरे की कहानी लगे छोड़िये अपना खिलवाड़, ओ मेहरबां शब्द भी शर्म से वरना मर जायेगा टांग तोड़ा किये आप चौपाई की और दोहों को अतुकान्त करते रहे शब्दकोशों की लेकर प्रविष्टि जटिल आप अपने बयानों में भरते रहे मान लें कविता बस की नहीं आपके आपके बाप का क्या चला जायेगा चार तुक जो मिला लीं कभी आपने आप समझे कि कविता पकड़ आ गई मान्यवर एक आवारा बदली है वो आप समझे घटा सावनी छा गई और ज्यादा सुनेगा अगर आपकी देखिये माईक भी मौन हो जायेगा राकेश खंडेलवाल report abuse
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चुटकुला, और पैरोडी सुना कर ही अगर जनता हँस दे तो काम भी कम और वाहवाही अलग से । अगर यही हाल रहा तो पुरानी हास्य कविता अतीत का हिस्सा हो जाएगी।
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हाँ यह तो सच है.. एक ही एक पकाऊ चीजे क्या सुनें.. कोई वेरायटी तो लाओ